रुपईडीहा। नेपाल सीमा पर एसएसबी और एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को एक किशोरी को मानव तस्करी से बचा लिया गया। पकड़े गए युवक को नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि किशोरी को नेपाल की स्वयंसेवी संस्था शांतिपूर्ण स्थापना गृह को सौंपा गया है।
42वीं वाहिनी एसएसबी के सहायक कमांडेंट शिवम कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12:15 बजे चेक पोस्ट रुपईडीहा पर नेपाल से आ रहे एक युवक और किशोरी को जांच के लिए रोका गया। जांच के दौरान किशोरी की उम्र 15 वर्ष पाई गई। युवक ने खुद को उसका पति बताते हुए दोनों के लखनऊ जाने की बात कही, लेकिन पते अलग-अलग जिलों के पाए जाने पर संदेह हुआ।
किशोरी ने बताया कि वह जिला दांग, नेपाल निवासी सानु सूनार (18) के संपर्क में फेसबुक के माध्यम से आई थी और भैरहवा नेपाल से उसे भारत ले जाया जा रहा था।
जांच के दौरान किशोरी की मां से संपर्क किया गया, जिन्होंने बेटी के नाबालिग होने की पुष्टि की। इसके बाद युवक को नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान युवक के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।