बहराइच। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस) एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। जिले के सभी दस केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों के समन्वय से शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराई गई। परीक्षा में गणित के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को काफी छकाया। सवालों के कठिन स्तर को देख कई परीक्षार्थियों के पसीने छूट गए।
सुबह दस बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए केंद्रों पर सात बजे से ही भीड़ जुटने लगी थी। आठ बजे से प्रवेश देना प्रारंभ किया गया। परीक्षा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। हालांकि, इस बीच कुछ केंद्रों से अव्यवस्था की शिकायतें भी प्राप्त हुईं।
यूपी पुलिस उप निरीक्षक परीक्षा के लिए महिला अभ्यर्थी जहां गोंडा से आईं, वहीं पुरुष अभ्यर्थी बस्ती और सिद्धार्थनगर जैसे दूरदराज के जिलों से यहां आए थे। परीक्षार्थी योगेश कुमार, पंकज चौधरी और रोशन लाल ने बताया कि सुबह की पाली में समय पर पहुंचने के लिए उन्हें एक रात पहले ही आना पड़ा। पूरी रात रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गुजारी। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा केंद्र अयोध्या या गोरखपुर जैसे नजदीकी शहरों में होते, तो उन्हें इतनी असुविधा नहीं होती।
संत कबीर नगर से परीक्षा देने आए अभ्यर्थी संदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गणित के प्रश्न उम्मीद से कहीं अधिक कठिन थे। उन्होंने कहा कि कुछ सवालों ने तो पूरी तरह से उलझा दिया। प्रश्नपत्र के कठिन स्तर को देखते हुए यदि कट-ऑफ (मेरिट) कम रहती है, तभी परीक्षार्थियों के सफल होने की उम्मीद बनेगी।
सिद्धार्थनगर से आए परीक्षार्थी भूपेश कसौधन ने कहा कि अच्छी तैयारी होने पर प्रश्न आसान लगते हैं, जबकि तैयारी कम हो तो सब कुछ कठिन लगता है। तैयारी की कोई निश्चित सीमा नहीं होती, परीक्षा के समय हमेशा यही महसूस होता है कि अभी और पढ़ना शेष था।
सिद्धार्थनगर से आए अभ्यर्थी राम प्रताप अवस्थी ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं का वातावरण तनावमुक्त होना चाहिए। बार-बार बायोमेट्रिक जांच, सघन तलाशी और परीक्षा के दौरान अत्यधिक सख्ती से अभ्यर्थियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव पड़ता है, जिससे उनके प्रदर्शन पर असर होता है।