जरवलरोड। लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संजय सेतु लगभग 45 साल पुराना है। बृहस्पतिवार को मरम्मत कार्य के चलते पुल के दोनों तरफ लगभग पांच किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। भारी संख्या में वाहन जाम में फंसे रहे। पुल के जॉइंटर में खराबी आना नई बात नहीं है, वर्ष में कई बार खराबी आती है, जिसके चलते जाम की स्थिति बनी रहती है।
बुधवार से पुल की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया गया। सरयू नदी (घाघराघाट) पर बने पुल से राजधानी लखनऊ सहित बहराइच, गोंडा, बलरामपुर व श्रावस्ती के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। भारी संख्या में इस पुल से वाहन गुजरते हैं।
घाघराघाट चौकी इंचार्ज दिनेश कुशवाहा ने बताया कि बुधवार से संजय सेतु पर टूटे हुए जॉइंटर की मरम्मत के चलते पुल के दोनों ओर पुलिस सुरक्षा बल तैनात हैं और वाहनों को वन वे बनाकर व रोककर निकाला जा रहा है। पुल के जॉइंटर की मरम्मत काम शुक्रवार तक चलेगा।
आचार्य सौरभ सरीन पांडेय का कहना है कि पुल का निर्माण सन 1981 में हुआ था, उस हिसाब से पुराना भी हो गया है और अपनी क्षमता से कई गुना भार भी उठा रहा है, जिसका खामियाजा हम लोगों को भुगतना पड़ता है।
व्यापारी शरद कुमार पोरवाल का कहना है कि पुल हम लोगों के लिए समस्याएं उत्पन कर रहा है जिसके कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। कभी-कभी कई घंटों तक जाम लगा रहता है, जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर मरीज, सब फंसे रहते हैं।
समाजसेवी संजय कुमार यादव ने बताया कि पुल पर खराबी कोई नई बात नहीं है। इस पर कुछ न कुछ लगा रहता है। सेतु पर हमेशा बड़े-बड़े गड्ढे बने रहते हैं, जिसके कारण गाड़ियों के टायर पंक्चर होने के साथ पलटने का डर भी बना रहता है।
रहमत शेख का कहना कि पुल पर हमेशा जाम को लेकर खौफ बना रहता है। घर से निकलने से पहले सोचना पड़ता है कि कहीं पुल पर जाम न लगा हो। लखनऊ जाने में समस्या का सामना करना पड़ता है।