बहराइच/बिछिया। निशानगाड़ा रेंज के नवीनपुरवा मटेही गांव से रेस्क्यू किए गए तेंदुए के शावक को बुधवार भोर में वन विभाग ने जंगल में वापस छोड़ दिया। विभाग का मानना है कि शावक की उम्र मात्र पांच से छह माह की है, ऐसे में उसे मां से अलग रखना उचित नहीं है।
गांव निवासी जगतराम थारु के घर से वन विभाग ने शावक को ट्रैंकुलाइज कर मंगलवार देर शाम को सुरक्षित रेस्क्यू किया था। इसके बाद विभाग ने आसपास के जंगल क्षेत्र में मादा तेंदुए की मौजूदगी के प्रमाणों की तलाश शुरू की।
डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि जांच के दौरान शावक की मां की उपस्थिति के कई निशान (पगचिह्न और मूत्रचिह्न) मिले। ऐसे में शावक को लगभग एक किलोमीटर के दायरे में स्थित नवीनपुरवा-मटेही जंगल क्षेत्र के समीप छोड़ा गया है, ताकि वह अपनी मां से मिल सके। उन्होंने बताया कि शावक पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को सतर्क किया गया है और किसी भी स्थिति में शावक के पास न जाने की सलाह दी गई है। सुरक्षा के लिए तीन गश्ती टीमों को क्षेत्र में तैनात किया गया है। पूरे इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है, शावक की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
एचआरटीसी बसों की फटे सीटें और उनके कवर। संवाद
एचआरटीसी बसों की फटे सीटें और उनके कवर। संवाद