घाघर बैराज पर सूखी पड़ी गेरुआ नदी। -संवाद
बिछिया। मरम्मत और साफ-सफाई के लिएचौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज की मंगलवार 14 अक्तूबर को बंद कर दिया गया। सभी गेटों को उठा दिया गया है जिसके चलते नेपाल से होकर आने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियां लगभग सूख गई हैं। अब इन नदियों में केवल गहराई वाले हिस्सों में ही पानी बचा है।
बैराज बंद होने के बाद नदियों में पानी कम होने से जलीय जीवों का अप स्ट्रीम में पलायन शुरू हो गया है। कतर्नियाघाट के पश्चिमी छोर पर कुछ हिस्सों में ही पानी दिखाई दे रहा है। गेरुआ नदी का जलस्तर घटने से कतर्नियाघाट ट्रांस गेरुआ और नेपाल आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अब लोगों को नदी पार करने के लिए काफी दूरी तक पैदल चलना पड़ रहा है। इसके बाद कुछ हिस्से में नाव से ही आना-जाना हो पा रहा है।
बैराज प्रभारी नितिन यादव ने बताया कि विभाग के निर्देश पर घाघरा बैराज का क्लोजर 14 अक्तूबर से शुरू किया गया है। गेरुआ और कौड़ियाला नदियों का पानी घाघरा के साथ-साथ सरयू और शारदा नहरों के गेटों से छोड़ दिया गया है। बताया कि यह क्लोजर 8 नवंबर तक जारी रहेगा। इस अवधि में बैराज के गेटों की मरम्मत, सफाई और पेंटिंग का कार्य पूरा किया जाएगा।