बहराइच। महसी और मिहींपुरवा तहसीलों के ग्रामीण इन दिनों तेंदुए और बाघ की दहशत में जी रहे हैं। महसी के रेहुआ मंसूर गांव में चार दिन से तेंदुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन अब तक पिंजरे में कैद नहीं हो सका। शुक्रवार रात खेत की ओर जा रहीं महिलाओं को तेंदुए ने खदेड़ लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर महिलाओं की जान बच सकी।
रेहुआ मंसूर गांव में वन विभाग ने कुल चार पिंजरे लगाए हैं, लेकिन तेंदुआ लगातार गांव के आसपास घूमते हुए भी किसी पिंजरे में कैद नहीं हो रहा है।
शुक्रवार रात गांव निवासी दो महिलाएं नित्यक्रिया के लिए खेत की ओर जा रही थीं, तभी महिलाओं को तेंदुए की गुर्राहट सुनाई पड़ी। जब तक महिलाएं कुछ समझ पातीं, तेंदुआ सामने आ गया। भागते हुए महिलाएं मदद के लिए चिल्लाईं, चीख सुनकर गांव में कॉम्बिंग कर रहे छोटकऊ, रामपाल, आदर्श मिश्रा, गोलू व राम भूलन दौड़े। आसपास के ग्रामीण भी लाठी-डंडों के साथ पहुंच गए, तब महिलाओं की जान बच सकी।