उर्रा (बहराइच)। मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में एक और तेंदुआ शुक्रवार को सुबह पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए को रेंज कार्यालय लाया गया। यहां पर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे कतर्नियाघाट के ट्रांस गेरुआ जंगल में छोड़ दिया गया है। एक माह में अब तक गोलहना गांव में चार तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के गोलहना में एक मादा तेंदुआ शावकों के साथ गांव में घूम रही थी। ग्रामीणों की शिकायत पर वनकर्मियों ने जांच की तो तेंदुआ के गांव में आने की पुष्टि हुई। साथ ही गतिविधियों पर नजर रखने के लिए छह कैमरे लगाए गए थे, जिसमें तेंदुए के आने की तस्वीर कैद हो गई। डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि तेंदुआ के आने पर गांव में पिंजड़ा लगाया गया। शुक्रवार को सुबह तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। वन क्षेत्राधिकारी एके त्यागी, वन दरोगा इसरार अहमद की अगुवाई में टीम तेंदुए को रेंज कार्यालय लाई। यहां पर पशु विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश राय ने तेंदुए के स्वास्थ्य की जांच की, जिसमें तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे ट्रांस गेरुआ के जंगल में छोड़ दिया गया है। डीएफओ ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है। उसकी उम्र चार वर्ष है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
एक माह में पकड़े गए चार तेंदुए
डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि गोलहना गांव में एक माह में चार तेंदुए पकड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि सात वर्षीय मादा तेंदुआ को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा गया, जबकि तीन तेंदुओं को कतर्नियाघाट के घने जंगल में छोड़ दिया गया है।