मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तेंदुए के हमले थम नहीं रहे हैं। बुधवार देर शाम बाइक से वेयरनेस सेंटर जा रहे पिता-पुत्र पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले के दौरान अनियंत्रित होकर बाइक गिरने से तेज आवाज आई तो तेंदुआ डरकर जंगल में भाग गया। हमले में तेंदुए का पंजा लगने से पिता-पुत्र को खरोंचें आई हैं। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने दोनों को इलाज के लिए पीएचसी पहुंचाया।
सुजौली थाना क्षेत्र के कारीकोट निवासी शिवपाल (45) कतनिर्याघाट वन्यजीव प्रभाग में जंगल सफारी की जिप्सी चलाते हैं। वहीं उनका बेटा रामकिशुन (24) टूरिस्ट गाइड है। बुधवार देर शाम दोनों बाइक से कतनिर्याघाट के वेयरनेस सेंटर जा रहे थे। इस दौरान बिछिया-कतर्नियाघाट मार्ग पर जंगल में बनी रेलवे क्रॉसिंग को पार करते ही उन पर तेंदुए ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बाइक सहित पिता-पुत्र सड़क पर गिर पड़े। बाइक गिरने की तेज आवाज से तेंदुआ दोनों को छोड़कर जंगल में भाग गया।
शिवपाल ने हमले की सूचना तत्काल कतर्नियाघाट वनरेंज कार्यालय को दी। सूचना पर वन दरोगा व पर्यटन प्रभारी मयंक पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को इलाज के लिए पीएचसी सुजौली पहुंचाया। मयंक पांडेय ने बताया कि पिता-पुत्र की पीठ व शरीर के अन्य भागों पर तेंदुए के पंजे के निशान हैं।