बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के आंबा गांव में शुक्रवार की रात एक तेंदुए ने घर में सो रहे मासूम पर हमला कर दिया। मच्छरदानी लगी होने से तेंदुआ उसे मार नहीं सका। इस दौरान परिवारीजनों के जागने व हांका लगाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। तेंदुए ने रात में ही एक बकरी व बछड़े को निवाला बना लिया। इससे ग्रामीणों में दहशत है। मामले की सूचना देने के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के आंबा गांव में तीन दिनों से तेंदुआ व बाघ दस्तक दे रहा है, जिससे पहले से ही ग्रामीण दहशत में थे। ग्रामीण जागकर समूहों में एकत्र होकर रात बिता रहे हैं। शुक्रवार की रात आंबा गांव निवासी वकील पुत्र शरीफ अपने परिवारीजनों के साथ घर में सो रहे थे। उनका दो वर्षीय पुत्र आसिफ भी एक चारपाई पर मच्छरदानी के अंदर लेटा हुआ था।
इसी दौरान घर में तेंदुआ आ धमका और उसने आसिफ पर हमलाकर मच्छरदानी को फाड़ने का प्रयास किया। आहट पाकर जागे परिवारीजनों ने हांका लगाना शुरू कर दिया। इससे तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। इससे पूर्व तेंदुए ने गांव निवासी उम्मीद अली की बकरी को निवाला बना लिया।
वहीं, गांव निवासी जोखा के बछड़े को भी मारकर खा गया। ग्रामीणों ने तेंदुए के हमले की सूचना रेंज कार्यालय में दी है, लेकिन वन विभाग के कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। तेंदुए के लगातार हो रहे हमले से ग्रामीणों में दहशत है।