बहराइच। लंबित मांगों का समाधान न होने से लेखपालों में असंतोष बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील महसी इकाई ने बैठक में निर्णय लिया कि लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय न लिया गया तो संघ पांच अगस्त से अतिरिक्त हलकों का बहिष्कार करेगा।
संघ के तहसील अध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में लेखपाल गृह मंडल और गृह जनपद से दूर तैनात हैं। वर्ष 2025 में अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए 2,669 आवेदन लिए गए थे, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संघ ने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने की मांग की है। चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने और नव नियुक्त लेखपालों के परीक्षा परिणाम घोषित करने की भी मांग की गई। संघ ने स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने की मांग की है। वाहन भत्ता 1,500 रुपये और विशेष भत्ता 1,000 रुपये प्रतिमाह करने की भी मांग की गई है।
लेखपाल संघ ने भूलेख कार्यालयों से संबद्ध लेखपालों को मूल कार्यों के लिए मुक्त करने की मांग की है। ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई गई। यहां पर्याप्त कक्ष, फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय का अभाव है। अभिलेखों की सुरक्षा भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। संघ ने तहसीलदार विकास कुमार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल निर्णय न होने पर पांच अगस्त से केवल मूल हलके में कार्य करने की बात कही है।
कैसरगंज में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कैसरगंज। लेखपाल संघ कैसरगंज ने शनिवार को लंबित मांगों के समाधान को लेकर एसडीएम प्रशांत कुमार नायक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उनकी लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने की मांग की। इस मौके पर कैसरगंज अध्यक्ष पवन कुमार चौहान, मंत्री चंद्रकेश मौर्य, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यपाल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रोहित पाल, उपमंत्री दिनेश चंद्र आर्य, कोषाध्यक्ष शादाब अहमद तथा संप्रेक्षक अतुल कुमार उपस्थित रहे।