फखरपुर में श्रमिक की मौत से बिलखते परिजन। -संवाद
फखरपुर (बहराइच)। शिवराजपुर में काम कर रहे एक मजदूर को गृह स्वामी ने शुक्रवार सुबह पीट दिया। मेडिकल कॉलेज से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन शाम को उनकी मौत हो गई। देर शाम लखनऊ से शव आने पर परिजनों ने थाना परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। परिजन आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
शिवराजपुर गांव निवासी राम संवारे यादव (45) मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बृहस्पतिवार को वह ब्लॉक मुख्यालय के सामने वसीब के घर पर काम कर रहे थे। उसी दौरान काम को लेकर वसीब और राम संवारे के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि वसीब और उसके पिता ने मारपीट कर राम संवारे को गड्ढे में धकेल दिया।
सिर में चोट लगने से वह मरणासन्न हो गए। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उनको फखरपुर सीएचसी ले गए। वहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर बहराइच जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद राम संवारे को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेज दिया गया।
शुक्रवार को इलाज के दौरान राम संवारे की मौत हो गई। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव फखरपुर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। शव लेकर परिजन फखरपुर थाने पहुंच गए और परिसर में रखकर प्रदर्शन करने लगे। परिजनों के साथ आक्रोशित ग्रामीण भी जमा हो गए। हंगामे की स्थिति बन गई।
परिजन आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग करने लगे। परिजन और ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते करीब आधे घंटे तक थाना परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि कोर्ट के आदेश के बाद ही किसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने लोगों को शांत कराया और समझा-बुझाकर वापस घर भेजा। थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि राम संवारे की पत्नी कबूतरा देवी ने इस मामले में पिता-पुत्र वसीब और मुजीब के खिलाफ तहरीर दी थी। फखरपुर थाने में मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, ग्रामीण की मौत के बाद उसे गैर इरादतन हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।