फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहराइच में बढ़ा बाढ़ का खतरा, तीनों गांवों में घुसा पानी

Mon, 13 Jul 2015 09:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच/राजीचौराहा। घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर लाल निशान पार कर थम तो गई है लेकिन नदी के लाल निशान पार होने से बाढ़ के हालात उत्पन्न होने लगे हैं।
विज्ञापन


उफनायी घाघरा नदी का पानी तटवर्ती इलाके में बसे कायमपुर, जरमापुर और गोलगंज गांव में घुसने लगा है। कटान भी शुरू हो गई है, जिससे कायमपुर गांव नदी के निशाने पर आ गया है।

गांव के लोग आशियाने उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। पूरा गांव खंडहर में तब्दील नजर आ रहा है।

सोमवार भोर से शाम तक दो मकान, एक पूजित चबूतरा और 70 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा की कटान की भेंट चढ़ गई। लहरों में समा गए। इसके बावजूद अब तक राहत और बचाव के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन


तराई में वर्षा थम गई है लेकिन नेपाल के पहाड़ों पर वर्षा का क्रम जारी है। इसके चलते घाघरा नदी रविवार देर शाम एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान 106.07 मीटर पार कर 106.156 मीटर पर पहुंच गई।

केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश प्रसाद ने बताया कि नदी खतरे के निशान से 8.6 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गई है।

हालांकि, नदी खतरे के निशान से ऊपर होने के चलते महसी तहसील क्षेत्र में बाढ़ के हालात उत्पन्न होने लगे हैं। कायमपुर, जरमापुर और गोलगंज इलाकों में उफनाई घाघरा नदी का पानी खेतों में घुसने लगा है।

कायमपुर गांव नदी के निशाने पर आ गया है। इससे अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यहां के ग्रामीण अपने छप्पर और आशियाने उजाड़कर छप्पर और संपत्ति समेट कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं।

ग्रामीणों में हड़कंप की स्थिति है। नदी ने कटान करते हुए कायमपुर निवासी रामकुमार और रामचंदर के मकान तथा बाबाजंगली साहब के पूजित चबूतरे को लील लिया है। 70 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समा गई है।
 
बाढ़ के हालात उत्पन्न होने के बाद भी अब तक न तो बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं न ही राहत और बचाव के इंतजाम दिख रहे हैं।

सूचना के बावजूद कोई भी राजस्व कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस मामले में उप जिलाधिकारी का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल अपने-अपने इलाकों में निरंतर कैंप कर रहे हैं। हालात पर नजर रखी जा रही है।

नदारद हैं बाढ़ खंड के अभियंता
नदी के बढ़ रहे जलस्तर और उफान की सूचना पाकर उप जिलाधिकारी सीपी तिवारी ने बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों का सुबह दौरा किया।

इस दौरान बाढ़ और ड्रेनेज खंड के अधिकारी नदारद मिले। इस पर एसडीएम ने रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी है।

चरसड़ी को बचा रहे अभियंता
एसडीएम ने कहा कि मुआयना के दौरान पता चला है कि ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता के जिम्मे महसी क्षेत्र है लेकिन उनकी ड्यूटी गोंडा के चरसड़ी तटबंध पर लगा दी गई है।

इसके चलते दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि अधीक्षण अभियंता एनके यादव से वार्ता की गई है। इस मामले में भी डीएम को अवगत करा दिया गया है।

फिर छोड़ा गया 2.68 लाख क्यूसेक पानी
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के सहायक अभियंता ने बताया कि सोमवार को घाघरा नदी में गिरिजापुरी बैराज से 91460 क्यूसेक, शारदा बैराज से 126629 क्यूसेक और बनवसा वैराज से 50348 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विज्ञापन


पल-पल पर रखी जा रही नजर
अपर जिलाधिकारी व आपदा केंद्र के प्रभारी विद्याशंकर सिंह ने कहा कि घाघरा नदी के जलस्तर पर पल पल नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी क्षेत्र में तैनात राजस्वकर्मी मदद पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियां स्थापित हैं। बाढ़ से बचाव के मुकम्मल इंतजाम हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें