भारत-नेपाल सीमा पर आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग करते एसएसबी के जवान। -संवाद
रुपईडीहा। नेपाल में हुए आम चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से बंद की गई भारत-नेपाल सीमा तीन दिन बाद शुक्रवार को फिर खोल दी गई। सीमा खुलते ही बॉर्डर से दोनों देशों के बीच आवागमन सामान्य हो गया। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीमा चौकी पर आने-जाने वाले सभी लोगों की सघन जांच की जा रही है।
नेपाल में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 मार्च की रात करीब 9:30 बजे सीमा पर आवागमन के लिए गेट खोला गया था, लेकिन आधे घंटे बाद रात 10 बजे प्रतिदिन की तरह दोनों ओर से गेट बंद कर दिए गए थे। शुक्रवार सुबह छह बजे से सीमा का संचालन पहले की तरह नियमित रूप से शुरू कर दिया गया।
सीमा खुलने के बाद धीरे-धीरे लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है, हालांकि पहले दिन भीड़ सामान्य से कम रही। इस रुपईडीहा बॉर्डर से रोजाना व्यापारियों, मजदूरों, मरीजों और आम नागरिकों सहित करीब 50 हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है, इसलिए सीमा खुलने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है।
सीमा चौकी पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। एसएसबी के सहायक कमांडेंट अमित कटियार के नेतृत्व में सुरक्षा बल आने-जाने वाले सभी लोगों की पहचान और सामान की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वहीं नेपाल में मतदान के बाद नई सरकार और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मतदान कर लौट रहे नेपाली नागरिक अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत को लेकर कयास लगाते नजर आए।
एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी रखी गई है। सभी लोगों को जांच के बाद ही सीमा पार करने दिया जा रहा है और फिलहाल दोनों देशों के बीच शुक्रवार से आवागमन पूरी तरह सामान्य हो गया है।