बहराइच। चरस की तस्करी के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) की अदालत ने बृहस्पतिवार को दो नेपाली महिलाओं को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर सवा-सवा लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर दोनों को एक वर्ष दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला नेपाल सीमावर्ती रूपईडीहा क्षेत्र का है। पहली जनवरी 2024 को पुलिस नेपाल से आने-जाने वाले लोगों की जांच कर रही थी। उसी दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रहीं दो महिलाओं पर संदेह होने पर महिला कांस्टेबल बुलाकर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी में दोनों के पास से साढ़े पांच किलो से अधिक चरस बरामद हुई।
पूछताछ में एक महिला ने अपना नाम नेपाल के जिला सुर्खेत, वार्ड नंबर तीन निवासी चंद्रकुमारी रैंसी बताया, जबकि दूसरी ने सिंधु जिले की माया तमाड़ शेरपा बताया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया था।
बृहस्पतिवार को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट कविता निगम की अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों महिलाओं को 12-12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए जुर्माना लगाया।