भारत-नेपाल सीमा पर रुपईडीहा में लोगों की चेकिंग करते एसएसबी के जवान। -संवाद
रुपईडीहा। दशहरा और देवी प्रतिमा विसर्जन को लेकर नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इस सीमा से प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोगों का आना-जाना होता है। एसएसबी ओर गुप्तचर एजेंसियों ने सतर्कता तेज कर दी है। हर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही हे।
सीमा पर संदिग्धों की गहन तलाशी लेने के साथ पूछताछ भी की जा रही है। सीमा सुरक्षा प्रबंधन में एसएसबी के सहायक कमांडेंट अभिषेक कुमार व इंस्पेक्टर ऋतुराज सक्रिय हैं। रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत भी नियमित रूप से सुरक्षा कर्मियों के साथ गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा पुख्ता करने के लिए एसएसबी द्वारा स्कैनर, डॉग स्क्वॉड, सीसीटीवी कैमरे और दस्तावेज जांच की व्यवस्था की गई है। आईडी कार्ड व अन्य प्रपत्रों की गहन जांच की जा रही है।
नेपाल की ओर से मुस्तैदी
नेपाल की ओर से एपीएफ (आर्म्ड पुलिस फोर्स) के जवान आवागमन करने वाले नागरिकों की जांच कर रहे हैं। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां एसएसबी और एपीएफ संयुक्त रूप से गश्त भी करती हैं, जिससे सीमा की हर गतिविधि पर पैनी निगरानी बनी रहती है।
तो इस कारण और पुख्ता हुई सुरक्षा
गौरतलब है कि विगत दिनों जेन-जी आंदोलन के दौरान नेपाल से फरार हुए चार कैदियों को पकड़कर नेपाल पुलिस को सौंपा गया था। इस घटना के बाद से ही सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा कड़ी कर दी गई है।