बहराइच। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित हुई। अध्यक्षता कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने की। बैठक में स्वास्थ्य महकमा निशाने पर रहा। सांसद की नाराजगी पर हुजूरपुर सीएचसी अधीक्षक को हटा दिया गया, जबकि नानपारा चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह ने प्रभारी चिकित्साधिकारी हुजूरपुर (चिरैय्याटांड) को हटाए जाने का निर्देश दिया, जबकि सांसद बहराइच अक्षयवरलाल गोंड ने कोविड के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर आवंटन कार्य तथा सीएचसी नानपारा में चिकित्सक की लापरवाही की जांच कराये जाने की मांग पर डीएम ने कहा कि एडीएम, एसीएमओ व सीएमएस की संयुक्त टीम से जांच कराई जाएगी। चिकित्सक के प्रकरण में सीएमओ ने बताया कि उसका वेतन बाधित किया गया और उसे हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान बैंकों से अपेक्षित सहयोग न प्राप्त होने पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए लीड बैंक प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि बैंकों के स्तर पर लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण कराया जाय।
जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह द्वारा यह भी सुझाव दिया गया कि अच्छा कार्य करने वाले समूहों की सूची जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करायी जाये ताकि स्वयं जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच कर समूहों की हौसला आफजाई कर सकें। सांसद ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि दाखिल खारिज व बैंकों से संबंधित ज्यादा समस्याएं हैं। बैठक का संचालन पीडीडीआरडीए अनिल कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, नानपारा के रामनिवास वर्मा, कैसरगंज के आनंद कुमार यादव, सांसद कैसरगंज के प्रतिनिधि संजीव सिंह व सुनील सिंह, डीएम डॉ. दिनेश चंद्र, एडीएम मनोज, डीएफओ बहराइच मनीष सिंह व कतर्नियाघाट के आकाशदीप बधावन, सीएमओ डॉ. एसके सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।