बहराइच। मिहींपुरवा कस्बा स्थित एक आरा मशीन पर मोतीपुर रेंज के वनकर्मियों ने छापा डालते हुए साखू व सागौन की लकड़ी बरामद की थी। वहीं आरा मशीन संचालक ने बरामद लकड़ी वन निगम से खरीदे जाने की बात कही लेकिन वनकर्मी नहीं माने। इस पर पीड़ित ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने डीएफओ कतर्नियाघाट से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत मिहींपुरवा कस्बा निवासी सुनील कुमार पुत्र सालिकराम की दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी के नाम से पंजीकृत फर्म है। सुनील का कहना है कि फर्म में फर्नीचर, डेयरी व लघु उद्योग का काम करता है। सुनील ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा है कि 17 नवंबर की सुबह मोतीपुर रेंज के वनकर्मियों ने आरा मशीन पर छापा डाला। वनकर्मी साखू व सागौन की लकड़ी उठा कर रेंज कार्यालय उठा ले गए जबकि वह उस समय बाहर था।
सुनील का कहना है कि लकड़ी वन निगम से खरीदी गई थी। इतना ही नहीं वनाधिकारियों ने जब्त किए माल की न तो कोई रिसीविंग दी और न ही कोई नोटिस ही दिया। इस पर हाईकोर्ट लखनऊ में न्यायाधीश अनिल कुमार और सौरभ लवानिया की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई करते हुए जज ने डीएफओ कतर्नियाघाट से कार्रवाई के मामले में तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।