बिछिया (बहराइच)। रेलवे स्टेशन बिछिया से मंगलवार देर शाम सुजौली की ओर सवारियों को लेकर एक ऑटो निकला था। बुधवार सुबह ऑटो सरयू नदी में दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ऑटो को नदी से बाहर निकलवाया। पास ही एक क्षतिग्रस्त व बैग भी बरामद हुआ। आसपास के लोगों के अनुसार चालक के साथ ही एक यात्री भी लापता है।
दोनों के नहर में डूबने की आशंका को देखते हुए पुलिस गोताखोरों की टीम लगाकर उनकी तलाश में जुट गई। बाद में एक यात्री के तैरकर बाहर निकलने की जानकारी मिली। गोताखोरों की टीम चालक की तलाश में देर शाम तक जुटी रही। मगर उसका पता नहीं चल सका है।
सुजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कारीकोट के मजरा नारायण टांड़ा नथुनिया चौराहा गांव निवासी सरोज कुमार (25) पुत्र रामआधार मंगलवार की देर शाम बिछिया रेलवे स्टेशन से सवारियों को लेकर सुजौली की तरफ निकला था। उसके बाद से देर रात तक वह घर नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने रात में ही उसकी तलाश शुरू की। आसपास तलाश की गई लेकिन रात में उसका कोई पता नहीं चल सका। सुजौली पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई।
बुधवार की सुबह सरयू नदी में सरोज का आटो पड़ा हुआ दिखाई दिया। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक रामजी सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम ने आसपास छानबीन शुरू की तो घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक बैग और क्षतिग्रस्त साइकिल बरामद हुई। कुछ लोगों ने ऑटो में एक सवारी के भी होने की जानकारी दी।
सरयू नदी में दोनों के डूबने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने गिरिजापुरी बैराज का गेट बंद करवा दिया। इसके बाद गोताखोरों की टीम उसकी तलाश में जुट गई। तभी कुछ लोगों ने आटो में सवार यात्री इंद्रेश के तैरकर बाहर निकलने की जानकारी दी। हालांकि वह घटनास्थल से काफी दूर अपनी ससुराल चला गया था।
प्रभारी निरीक्षक रामजी सिंह ने बताया कि हादसे में बच निकले यात्री से भी संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं लापता चालक को तलाशने में गोताखोरों की टीम लगी हुई है। देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। साइकिल पड़ी होने से हादसे की आशंका भी जतायी जा रही है।
चालक की पत्नी सुमन ने बताया कि उसके पति ऑटो लेकर बिछिया रेलवे स्टेशन से निकले थे। तब फोन पर उनसे बात हुई थी। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला है। मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। घटना के बाद से पूरे घर में चीख-पुकार मची हुई है। आसपास के ग्रामीण पानी में चालक के डूबने की आशंका जता रहे हैं।