बहराइच। नेपाल में मक्के की फसल कटते ही जंगली हाथियों का झुंड कतर्नियाघाट में एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बीते पांच दिनों से कतर्नियाघाट व उसके आसपास के क्षेत्रों में हाथियों का झुंड रात होते ही खेतों में घुस कर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
रविवार रात में झुंड जमुनिहा गांव में चैन लिंक फेंसिंग तोड़कर घुस गया और किसान मोतीलाल की दो बीघा धान की फसल,मुन्ना की तीन बीघा धान व ढाई बीघा गन्ने की फसल,कट्टर की ढाई बीघा गन्ने की फसल,राम सिंह की एक एकड़ धान की फसल चौपट कर दिया। ग्रामीणो ने बताया कि पूरी रात पटाखे दगाते रहे लेकिन झुंड नही भागा।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे आजमगड़पुरवा, लोहरा, मटेही की गजमित्रों की टीम ने मोर्चा संभालते हुए निशानगाड़ा वन विभाग की टीम व कतर्नियाघाट वन विभाग की टीम के साथ पेट्रोलिंग की और हाथियों से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया। इस दौरान रेंजर कतर्नियाघाट रामकुमार,रेंजर निशानगाड़ा सुरेंद्र श्रीवास्तव,गजमित्र जयनारायन, सुरेश मौर्य, इंद्रजीत, दीपक सहित वन कर्मियों की टीम मौजूद रही।
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हाथियों को भगाने में कारगर साबित हो रही माइक्रोफोन
कतर्नियाघाट के भवानीपुर में बीती रात एक टस्कर हाथी ने गांव में जैसे ही घुसना शुरू किया तो गजमित्रों की टीम ने माइक्रोफोन के जरिये सायरन बजाना शुरू किया। इसके बाद हाथी सरपट भागते हुए जंगल की ओर चला गया। गजमित्र सहजराम, अनिल, मुबारक ने बताया की पिछले दो दिनों से हाथी आ रहा था। हांका लगाने पर भी नहीं भाग रहा था, लेकिन जैसे ही माइक्रोफोन में सायरन बजाया पूरी रात हाथी खेत में नहीं घुसा।