दवा व्यवसायियों की समस्याओं के प्रति केंद्र सरकार पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। इसके चलते आल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (एआईओएसीडी) के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की गई। उसी के तहत जिले के सभी मेडिकल प्रतिष्ठान बंद रहे। इससे लगभग एक करोड़ का दवा कारोबार जिले में प्रभावित हुआ। इस दौरान व्यवस्थाएं चरमराई रहीं। जिला अस्पताल के साथ ही निजी डॉक्टरों के यहां पहुंचे मरीज दवा लेने के लिए भटकते दिखे।
एआईओएसीडी के आह्वान पर मंगलवार को जिले की दवा की सभी दुकानें बंद रहीं। दुकानों में दिनभर ताला लटकता रहा। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन बहराइच इकाई के जिलाध्यक्ष शीतल प्रसाद अग्रवाल तथा मंत्री अभिनव गुप्ता की अगुवाई में दवा कारोबारियों ने हड़ताल कर एक स्वर से समर्थन किया। जिसका असर यह रहा कि जिला मुख्यालय के अलावा रिसिया, नानपारा, रुपईडीहा, मिहींपुरवा, महसी, शिवपुर, जरवल, फखरपुर, हुजूरपुर, पयागपुर, विशेश्वरगंज, नवाबगंज समेत सभी कस्बों में दवा की दुकानों पर ताला लटकता रहा। दवा की बिक्री नहीं हुई।
जिला मुख्यालय पर जिलाध्यक्ष शीतल प्रसाद अग्रवाल की अगुवाई में जिले भर के दवा कारोबारी सुबह 11 बजे बंसल ड्रग एजेंसी परिसर में एकत्रित हुए। यहां से केंद्र सरकार द्वारा जारी नई विरोधी दवा नीति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इसके बाद जुलूस की शक्ल में दवा व्यवसायी कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस मौके पर दवा व्यवसायियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की नई नीति के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दवा की बिक्री की जा सकती है। यह गलत है, इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। साथ ही फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता लाइसेंस न होने को भी छलावा बताया गया।
मीडिया प्रभारी नितिन बंसल ने बताया कि पूरे जिले में लगभग एक करोड़ रुपये का दवा व्यवसाय प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन और सभा के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर मीडिया प्रभारी नितिन बंसल, हरचरण सिंह, अख्तर अली मेकरानी, राजेश गोयल, राजेंद्र पटवारी, ओंकारनाथ गुप्ता, संजय भालोटिया, सौरभ मोदी, मुकेश गर्ग, हर्षित गर्ग, सारिक मेकरानी आदि मौजूद रहे। पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी को भी सभी ने ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।