आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की तेरहवीं पर सोमवार को शाम शहर के मुख्य मार्गों पर कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर बहराइच के लोगों ने आईएएस अफसर की मौत के मामले में इंसाफ मांगा।
आईएएस अफसर अनुराग तिवारी का शव 13 दिन पूर्व लखनऊ में सड़क के किनारे संदिग्ध हालात में मिला था। इस मामले में एसआईटी को जांच सौंपी गई। प्रदेश सरकार ने भी आश्वासन दिया, लेकिन रवैया ढुलमुल बना हुआ है। जिसके चलते अब बहराइच के लोग आंदोलित होने लगे हैं।
सोमवार को 13 दिन पूरे होने पर शहर के लोगों ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी की अगुवाई में कैंडल मार्च निकालकर आईएएस अफसर को श्रद्धांजलि दी। कैंडल शांति मार्च शहर के मुख्य मार्गों से गुजरकर शहीद स्मारक पहुंचा। यहां पर सभी ने श्रद्धांजलि दी। साथ ही मामले की भेदभावरहित जांच की मांग की गई।
इस मौके पर नंदकुमार शुक्ला, अजितेश पांडेय, उज्जवल साहू, विजय साहू, मातवर खां, आलोक तिवारी, मयंक तिवारी, महेश्वरदत्त, उर्मिलेश, विनोद श्रीवास्तव, प्रताप जायसवाल, गोविंद, बृजेश मिश्रा, सुधांशु मणि आदि मौजूद रहे।
आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की तेरहवीं के मौके पर राष्ट्रीय युवा मोर्चा महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता पटेल की अगुवाई में जिले की महिलाओं ने घटना के खुलासे की मांग करते हुए मौत को हत्या घोषित करने की मांग की। सभी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सरिता की अगुवाई में अनुराग के परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प लिया। इसके बाद न्याय हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में जंगल राज है। आंदोलन से ही अनुराग के परिवार को न्याय मिल पाएगा। इसमें कोर कसर नहीं बाकी रहेगी।