बहराइच। प्राथमिक विद्यालयों में लगे हैंडपंप बड़े पैमाने पर खराब हैं। ऐसे में स्कूल खुलने पर छात्र बूंद-बूंद पानी को तरसेंगे। नानपारा व महसी में सर्वाधिक 65 फीसदी हैंडपंप रीबोर योग्य हैं। इन सभी स्थानों पर शिक्षकों ने ग्राम प्रधान से एबीएसए तक शिकायत की। लेकिन अब तक हैंडपंप दुरुस्त नहीं हुए हैं।
जिले में 3453 प्राथमिक व जूनियर विद्यालय स्थापित हैं। इन विद्यालयों को कांवेंट की तर्ज पर संवारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग नवीन शिक्षण सत्र की तैयारियों में जोर-शोर से जुटा हुआ है। लेकिन विद्यालय में मूलभूत पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है। कहने को तो सभी विद्यालयों में जल निगम की ओर से इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगवाए गए हैं। लेकिन 65 फीसदी विद्यालय ऐसे हैं। जहां हैंडपंप शोपीस बने हुए हैं।
20 मई को स्कूल तो बंद हो गए थे। एक माह की गर्मी की छुट्टी भी बीत रही है। लेकिन अब तक इन खराब हैंडपंपों की सुधि विभाग को नहीं आई है। यह हाल प्रत्येक वर्ष होता है। नानपारा व महसी क्षेत्र में स्थापित 250 प्राथमिक विद्यालयों में हैंडपंप रीबोर योग्य हैं। इनमें नवाबगंज, अगैया, बाबागंज, राजीचौराहा, महसी आदि क्षेत्रों के स्कूल शामिल हैं।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एसके तिवारी का कहना है कि विद्यालय निर्माण के बाद छात्र संख्या के अनुरूप हैंडपंप लगाने के लिए जल निगम को पत्र लिखा जाता है। 200 छात्रों तक एक हैंडपंप व 200 से अधिक छात्रों पर दो हैंडपंप लगाने की संस्तुति की जाती है।
बीएसए एसके तिवारी का कहना है कि खराब हैंडपंपों का मामला संज्ञान में है। इस मामले में अधिशासी अभियंता जल निगम को पत्र लिखा गया है। बीएसए ने बताया कि शीघ्र ही नए हैंडपंप स्थापित करवाए जाएंगे। जो हैंडपंप रिबोर योग्य होंगे उन्हे रिबोर करवाया जाएगा।