विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व मंत्रियों, विधायकों के गनर व स्कार्ट शासन के निर्देश पर गुरुवार को वापस ले लिए गए। इसके साथ ही सपा सरकार के शासन काल में अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त लोगों के गनर भी वापस ले लिए गए।
विधानसभा चुनावों में सपा की हार के बाद पूर्व मंत्री, विधायक व अन्य पदों पर नियुक्त नेताओं की सुरक्षा हटाने की पहल शासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने शुरू कर दी है। मतगणना समाप्त होने के पांच दिन बाद शासन ने अब सभी के गनर हटाने का आदेश दिया। इस पर गुरुवार रात को माननीयों के गनर वापसी की प्रक्रिया की गई।
गौरतलब हो कि सपा की सरकार में सपा के कैबिनेट मंत्री रहे यासर शाह व पूर्व राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध को गनर व स्कार्ट की सुविधा मिली थी। पूर्व विधायक रामतेज यादव, मुकेश श्रीवास्तव, पर्यटन बोर्ड के सदस्य सर्वेंद्र विक्रम सिंह, पशुपालन बोर्ड के सलाहकार हाजी अनवार, सपा नेता अवधेश वर्मा, ब्लॉक प्रमुख जरवल नूर हुसैन को गनर मिले हुए थे।
इसके अलावा महसी के बसपा विधायक केके ओझा को भी गनर मिला हुआ था। यासर शाह के चुनाव जीतने के चलते उन्हें सिर्फ एक गनर प्रदान किया गया है। स्कार्ट वापस ले लिया गया है।
वहीं राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध का स्कार्ट व गनर दोनों वापस कर लिए गए हैं। साथ ही अन्य नेताओं के गनर वापसी की कार्रवाई की गई है। उ
धर विधानसभा चुनाव जीतने वाले सभी विधायकों को गनर तत्काल मुहैया करा दिया गया था। इनमें छह भाजपा के विधायक और एक सपा के विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।
एसपी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि सपा की सरकार में जिन माननीयों को गनर मुहैया कराए गए थे, शासन के निर्देश पर उन सभी के गनर वापस ले लिए गए हैं। अब पूर्व माननीयों को शासन के अग्रिम आदेश के तहत ही गनर की सुविधा प्रदान की जाएगी।