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Bahraich News: हाथ से छूट कर बह गए नाती और पोते...

Fri, 31 Oct 2025 01:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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ग्रामीणों से भरी नाव पलटने के बाद बिलखते परिजन।    -संवाद
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मिहींपुरवा। नाव हादसे ने रामनरेश के परिवार को बड़ा दुख दिया। उनका बेटा नदी की धारा में बह गया। रिश्तेदारों के बच्चे भी देखते ही देखते नदी में समा गए। मां-बेटी का पता नहीं लग सका है।
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श्रावस्ती जिले के गिलौला के भिखारीपुर मसढी गांव निवासी ओमप्रकाश, बहन नीशू और दादी रामजेई के साथ शनिवार को रिश्तेदारी में भरथापुर गांव के सोनापती के घर आए थे। वहां से सभी बुधवार को खैरटिया बाजार घूमने और खरीदारी करने पहुंचे। मटेरा के डाड़ेपुरवा गांव की कोमल अपनी नानी सोनापती के घर पहले से ठहरी थी, वह भी बाजार के लिए तैयार हो गई। इस पर मामा रामनरेश ने पुत्र शिवम को भी साथ ले लिया।

हंसी-खुशी का माहौल था। बुधवार की शाम जब सभी रिश्तेदार नाव से भरथापुर लौट रहे थे, तभी हादसा हो गया। रामनरेश तो किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, जबकि सोनापती रात में तीन किलोमीटर दूर मंझरा बंधे के पास झाड़ियों में बेहोश पाई गईं। उन्हें रात में ही सीएचसी मिहींपुरवा में भर्ती कराया गया।
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बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल में बातचीत के दौरान वह फफक पड़ीं। सोनापती ने कहा- मेरी नातिन हाथ से छूटकर बह गई...दोनों पोते भी नदी में समा गए... बहुत कोशिश की, पर पानी ने किसी को नहीं छोड़ा...। दुर्भाग्य से सोनापती की बहन रमजेई (65) का शव नदी से बरामद हो चुका है, लेकिन ओमप्रकाश, नीशू, शिवम और कोमल का पता नहीं चल सका है। परिवार का हर सदस्य पूरे दिन नदी किनारे चमत्कार की आस में खड़ा रहा।


वहीं, गांव की सुमन देवी (28) और उनकी पांच वर्षीय पुत्री सुहानी भी नदी में बह हैं। परिजनों ने बताया कि मां-बेटी चावल और सब्जी खरीदने खैरटिया बाजार गई थीं। दोनों के बहने से घर में कोहराम मचा है।

दादी की आवाज सुन नदी में कूदा सुमित, नेपाली को बचाया
कौड़ियाला नदी के किनारे झाड़ियां से रात में बेहोशी की हालत में मिली सोनपति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहीपुरवा में भर्ती हैं। उनकी देखभाल पौत्र सुमित मौर्या कर रहा है। सुमित ने बताया कि बुधवार शाम को जब हादसा हुआ तब वह खैरटिया बाजार गए पिता, भाई, दादी और अन्य रिश्तेदारों के आने का इंतजार कर रहा था।

सुमित ने बताया कि अंधेरा हो चुका था, तभी चीख-पुकार सुनाई पड़ी। सुमित ने कहा कि वह तैरना जानता है, इसलिए नदी में कूद कर दादी की आवाज की ओर बढ़ा। लेकिन तेज बहाव होने के कारण उनतक नहीं पहुंच सका। देखते ही देखते वह बह गईं। देर रात बेहोशी की हालत में नदी के किनारे मिलीं।
सुमित ने बताया कि उसने एक नेपाली युवक को नदी से खींच कर बाहर निकाला। नदी का बहाव अधिक होने के कारण उसकी हिम्मत नहीं पड़ी और वह बाहर निकल आया। तब तक गांव के लोग पहुंच चुके थे और खोजबीन शुरू कर दी गई।
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