फखरपुर। कस्बे में स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा में पिछले 15 दिनों से राउटर खराब होने और नेटवर्क में तकनीकी दिक्कत आने के कारण लेनदेन समेत सभी बैंकिंग सेवाएं बाधित हो गई हैं। इससे शिक्षक, कोटेदार और ग्रामीण उपभोक्ता बेहद परेशान हैं।
बैंक की सेवाएं बाधित होने से उपभोक्ताओं को अपनी ही जमा पूंजी निकालने के लिए प्रतिदिन बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बैंकिंग कार्य ठप होने का असर अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (कोटे की व्यवस्था) पर भी पड़ने लगा है, जिससे कोटेदारों को दिक्कतें आ रही हैं।
वेतन निकासी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने वाले शिक्षक और ग्रामीण रोज बैंक से खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। हालांकि, बैंक प्रशासन अन्य शाखाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं का कार्य निपटाने का प्रयास करने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत में अधिकांश लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
वैकल्पिक व्यवस्था से भी राहत नहीं
बैंक प्रबंधन ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए गजाधरपुर और सिंगाही शाखा में अपने कर्मचारी भेजकर लेनदेन की प्रक्रिया शुरू कराई है। हालांकि, यह वैकल्पिक व्यवस्था बुजुर्गों और महिला खाताधारकों के लिए मुसीबत बन गई है। उपभोक्ता मकबूल, दिनेश, राजन और हसीन आदि ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि दूसरी शाखाओं तक जाने और वहां कतारों में लगने के कारण घंटों समय बर्बाद हो रहा है। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को दूसरे गांवों की बैंक शाखाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जल्द ठीक होगा नेटवर्क, वैकल्पिक इंतजाम शुरू
नेटवर्क की खराबी एक फरवरी से है। उपभोक्ताओं की असुविधा को कम करने के लिए अस्थायी रूप से एक कर्मचारी को गजाधरपुर और दूसरे को सिंगाही शाखा में तैनात किया गया है। वर्तमान में बैंक आने वाले ग्राहकों के चेक और निकासी फॉर्म जमा किए जा रहे हैं, जिन्हें इन दोनों शाखाओं के माध्यम से प्रोसेस कर भुगतान कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नेटवर्क की तकनीकी समस्या को जल्द ही ठीक कराकर बैंकिंग सेवाओं को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- राजन पांडेय, शाखा प्रबंधक, यूपी ग्रामीण बैंक, फखरपुर