कतर्नियाघाट में स्थित गेरुआ नदी। - स्रोत : ग्रामीण
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ी गेरुआ नदी में एक बार फिर पानी आ गया है। अब यहां आने वाले पर्यटक बोटिंग का भरपूर आनंद ले सकेंगे। वन विभाग ने नदी में पानी आने के बाद पर्यटकों के नौकायन की तैयारी कर ली है।
चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज की साफ-सफाई के कारण गेरुआ नदी के गेट 15 दिन पहले खोले गए थे, जिससे नदी लगभग सूख गई थी और बोटिंग पूरी तरह बंद हो गई थी। अब बैराज की सफाई का कार्य पूरा हो जाने के बाद गेट दोबारा बंद कर दिए गए हैं।
अवर अभियंता नितिन कुमार ने बताया कि घाघरा बैराज की क्लोजर अवधि समाप्त हो गई है। सभी गेट पहले की तरह बंद हो गए हैं, जिससे गेरुआ नदी में जलस्तर सामान्य हो गया है।
कतर्नियाघाट वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ ने बताया कि अब पर्यटकों के लिए स्टीमर तैयार हैं और जल्द ही बोटिंग सेवा नियमित रूप से शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नदी में पानी आने से पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि की संभावना है।
बोटिंग का यह है किराया
कतर्नियाघाट भ्रमण के लिए आने वाले पर्यटकों को गेरुआ नदी में बोटिंग के लिए 100 रुपये प्रति घंटा किराया देना होगा। इसके अलावा बोटिंग में उपयोग होने वाले पेट्रोल का अलग शुल्क लिया जाएगा।
पर्यटन का मुख्य आकर्षण
कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य अपने प्राकृतिक सौंदर्य और जैव-विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां गेरुआ नदी के किनारे बोटिंग पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है। नदी के दोनों किनारों पर घने जंगल और पक्षियों की चहचहाहट पर्यटकों को मनमोहक अनुभव प्रदान करते हैं। गेरुआ नदी के टापू पर धूप सेंकते घड़ियाल और उछलकूद करती डॉल्फिन का अपना अलग ही आकर्षण होता है।