कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में सूखी गेरुवा नदी। - संवाद
बिछिया। कतर्नियाघाट में एक नवंबर से शुरू हो रहे पर्यटन सत्र के बीच गेरुआ नदी सूख गई है। नदी में पानी न होने से लोग पैदल रास्ता पार कर रहे हैं, जबकि वन विभाग की बोट सूखी नदी में खड़ी है। ऐसे में पर्यटन सत्र के शुरुआती दिनों में पर्यटक बोटिंग का आनंद नहीं ले सकेंगे। जलीय जीवों के दीदार की उम्मीद भी फिलहाल कम है।
घाघरा बैराज के जेई ओपी सिंह ने बताया कि क्लोजर 11 अक्तूबर से शुरू हुआ था। बीच में कटान बढ़ने के कारण करीब एक सप्ताह तक इसे रोकना पड़ा। इसके बाद 21 अक्तूबर से दोबारा क्लोजर शुरू किया गया, जो सात नवंबर तक चलेगा। इसके चलते पानी का प्रवाह सरयू नदी की ओर जाने से गेरुआ और कौड़ियाला नदियों का जलस्तर काफी कम हो गया है। इससे नावों का संचालन संभव नहीं है।
कतर्नियाघाट में बोटिंग पर्यटकों के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। पर्यटक नाव से नदी की सैर करने और घड़ियाल, मगरमच्छ व डॉल्फिन को करीब से देखने की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। नदी में पानी का प्रवाह न होने से फिलहाल यह अनुभव नहीं मिल सकेगा। शुरुआती दिनों में पर्यटकों को जंगल सफारी और अन्य स्थलीय आकर्षणों से ही संतोष करना पड़ेगा।
सात नवंबर के बाद पानी आने की उम्मीद
रेंजर आशीष गौड़ ने बताया कि घाघरा बैराज का क्लोजर सात नवंबर तक निर्धारित है। इसके बाद नदी में पानी का प्रवाह और जलस्तर कब सामान्य होगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। क्लोजर समाप्त होते ही बोटिंग शुरू होने की निश्चित तारीख बताना अभी संभव नहीं है। पर्यटकों को कतर्नियाघाट आने से पहले बोटिंग की उपलब्धता की जानकारी कर लेनी चाहिए।