बहराइच। स्नातक में एडमिशन के दौरान आज भी हिंदी, भूगोल, राजनीति शास्त्र और इतिहास जैसे विषय छात्रों की पहली पसंद हैं। वहीं कॉमर्स, सैन्य विज्ञान व दर्शन शास्त्र को छात्र खोजे नहीं मिल रहे हैं।इससे इन विषयों की सीटें अभी भी खाली हैं। किसान पीजी काॅलेज में भूगोल विषय के लिए 720 सीटें हैं। इसके सापेक्ष यहां 716 एडमिशन हो चुके हैं। इसी के साथ ही हिंदी के लिए मात्र 300 सीटें हैं। इसके सापेक्ष यहां 333 एडमिशन हो चुके हैं। इसमें तीन एडमिशन नियत सीट से ज्यादा हैं।
वहीं, समाजशास्त्र में 350 सीटों के सापेक्ष 355, वनस्पति विज्ञान में 450 के सापेक्ष 482 दाखिले, राजनीतिशास्त्र में 300 के सापेक्ष 355 दाखिले हो चुके हैं, जबकि कॉमर्स में 600 सीटों के सापेक्ष 181 एडमिशन ही हो पाए हैं। सैन्य विज्ञान में भी अभी सीटें खाली हैं। इसका कारण नई शिक्षा नीति के बाद प्रवेशार्थी बीएड और डीएलएड के लिए उन विषयों को वरीयता देते हैं जो कक्षा नौ व 10 में चलते हैं। ऐसे में विद्यार्थी भूगोल, मध्य इतिहास, हिंदी जैसे विषयों को वरीयता दे रहे हैं। इसके बाद समाजशास्त्र विषय को आसान व निजी संस्थाओं में मांग को देखते हुए स्वीकार कर रहे हैं। इसके विपरीत बीकॉम, रसायन विज्ञान, सैन्य विज्ञान तथा दर्शनशास्त्र की ओर प्रवेशार्थियों का रुझान कम है। इन विषयों के लिए प्रवेश काउंटरों पर बैठे शिक्षकों की ओर प्रेरित भी किया जाता है इसके बावजूद कई विद्यार्थी विषय बदलने के लिए प्रयास करते देखे जा जा रहे हैं।
इन विषयों में सीटें फुल, प्रवेश बंद
शहर के किसान पीजी कॉलेज में जंतु विज्ञान, राजनीति शास्त्र, भूगोल, मध्य इतिहास जैसे विषयों में सीटें फुल होने के कारण प्रवेश बंद कर दिया गया है। अभी भी विद्यार्थी इन विषयों में प्रवेश के लिए प्रयास कर रहे हैं। इन्हें लौटाया जा रहा है। ऐसे विद्यार्थियों को यह बताया जा रहा है कि कुछ विषयों में सीटें खाली हैं उनमें प्रवेश लिया जा सकता है।