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Bahraich News: सीबीएसई 12वीं की जिला टॉपर बनी गौरी सिंह

Thu, 14 May 2026 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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बहराइच में सीबीएसई 12वीं का परिणाम आने के बाद बुद्धा प​ब्लिक स्कूल में खुशी से उछलते मेधावी।   
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बहराइच। सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में बुद्धा पब्लिक स्कूल की छात्रा गौरी सिंह 96.6 प्रतिशत अंक पाकर जिले में सर्वोच्च स्थान पर रहीं। बुधवार को परीक्षा परिणाम की घोषणा के साथ ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे, उनमें जोरदार उत्साह देखा गया।
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96.2 प्रतिशत अंक पाकर एम्स इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा सृष्टि शुक्ला दूसरे स्थान पर रहीं। 95.8 प्रतिशत अंक पाकर डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल के अश्विन आलोक और बुद्धा पब्लिक स्कूल की कुमकुम सिंह तीसरे स्थान पर रहीं। गुरुकृपा डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल की प्रणिका श्रीवास्तव 95.6 प्रतिशत अंक के साथ चौथे, जवाहर नवोदय विद्यालय के शौर्य मिश्रा 95.5 प्रतिशत अंक पाकर पांचवें स्थान पर रहे।

गुरुकृपा डिवाइन ग्रेस पब्लिक विद्यालय के आकाश माहेश्वरी तथा संत पथिक विद्यालय के अश्तिक मिश्रा 95.2 प्रतिशत अंक के साथ छठे स्थान पर रहे। 95 प्रतिशत अंक पाकर गुरुकृपा डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल की वैष्णव चौधरी सातवें, 94.6 प्रतिशत अंक पाकर संत पथिक विद्यालय की अवनीत कौर आठवें और 94.4 प्रतिशत अंक पाकर बुद्धा पब्लिक स्कूल के जियाउर्रहमान नौवें स्थान पर रहे।
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परीक्षा परिणाम की घोषणा के बाद से ही विद्यालय में विद्यार्थी अपने अभिभावक के साथ पहुंचे और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाईं। मेधावियों के घरों में भी खुशी का माहौल रहा। कुछ मेधावियों ने मंदिर जाकर मत्था झुकाया।



कोई अधिवक्ता तो कोई प्रशासनिक अफसर बनने का संजोए है सपना
सीबीएसई इंटरमीडिएट का परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद मेधावियों की उम्मीदें भी हिलोर लेने लगीं। अच्छे अंक पाने वाले मेधावी चहक उठे और भविष्य के सुनहरे सपने को सार्थक करने में लग गए।


परीक्षा की जिला टाॅपर गौरी सिंह प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश व समाज की सेवा करने की इच्छा रखती हैं, जबकि दूसरे नंबर की मेधावी सृष्टि शुक्ला और तीसरे नंबर के अश्विन आलोक और कुमकुम सिंह अधिवक्ता बनकर जरूरतमंदों को न्याय दिलाने की तैयारी में हैं।

इन मेधावियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली प्रतियोगी परीक्षा जैसी होनी चाहिए। पाठ्यक्रम को भी जनोपयोगी ओर समाजोपयोगी बनाया जाना चाहिए। इन मेधावियों ने नई पीढ़ी के युवाओं को संदेश दिया है कि नियोजित और नियमित अध्ययन कठिन लक्ष्य को भी पूरा कर सकता है।
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