भौंरी खनन कांड में दो बच्चों की मौत का मामला सुलह समझौता के मोड़ पर पहुंच गया है। उठापटक और बच्चों की मौत से जुड़े विभिन्न सवालों के बीच रविवार को मृतक करन का पिता चेतराम एएसपी ग्रामीण के सामने शपथ पत्र के साथ हाजिर हुआ। कहा कि हमने तहरीर नहीं लिखी। बच्चे की मौत पर बिलख रहे थे। उसी समय किसी ने अंगूठा लगवा लिया। शपथ पत्र में चेतराम ने एफआईआर में नामजद निशंक त्रिपाठी और मनोज शुक्ला को भी क्लीनचिट दी। एएसपी ने शपथ पत्र के आधार पर जांच के निर्देश दिए हैं।
महसी के भौंरी गांव के पास हो रहे खनन के दौरान तीन दिन पूर्व भौंरी गांव निवासी चेतराम के पुत्र करन और रहमत के बेटे निसार की मौत हो गई थी। करन को बालू के टीले में दबाने की बात कही गई थी, जबकि निसार का शव खनन के गड्ढे में उतराता मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों के डूबने की पुष्टि हुई। हालांकि इस रिपोर्ट पर भी सवाल उठे। कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों ने मामले को तूल देने की कोशिश की। इसी बीच रविवार को दोपहर मृतक करन का पिता चेतराम बहराइच एएसपी ग्रामीण आरएन सिंह के आवास पहुंचा। उसने अपर पुलिस अधीक्षक के सामने शपथ पत्र के साथ हाजिर होकर कहा कि गांव के पास स्थित नाले में डूबने से बेटे की मौत हुई थी।
घटना की सूचना पाकर काफी भीड़ जमा हो गई। पुत्र की मौत पर बिलख रहे थे। पत्नी भी बदहवास थी। तभी किसी ने निशंक त्रिपाठी और मनोज शुक्ला के विरुद्ध तहरीर लिखवाकर अंगूठा लगवा लिया। जबकि इस मामले से उनका कोई वास्ता नहीं है। इस मामले में एएसपी ने सीओ महसी को शपथ पत्र के आधार पर जांच करने के निर्देश दिए हैं। एएसपी का कहना है कि पीड़ित ने शपथ पत्र दिया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करन और निसार की मौत के मामले में डीएम अजयदीप सिंह ने चार सदस्यीय टीम को जांच सौंपी थी। एसडीएम महसी नागेंद्र कुमार की अगुवाई में सुबह ड्रेनेज खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा, सीओ महसी तनवीर और खनन निरीक्षक घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे और खनन स्थल की पैमाइश की गई। कुछ क्षेत्र में घाघरा का पानी आने से पैमाइश अभी पूरी नहीं हो सकी है।
उपजिलाधिकारी ने कहा कि डीएम के आदेश पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होनेे के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। गौरतलब हो कि इस टीम को खनन के लिए जारी पट्टा और अवैध खनन के मामले में जांच करनी है।