बहराइच। रूपईडीहा व नवाबगंज इलाके के चार अभियुक्तों को बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दो अभियुक्तों पर 15-15 हजार रुपये तथा दो अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में सभी को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
थाना कोतवाली नानपारा में वादी मुकदमा संतोष कुमार ने 2 नवंबर 2017 को तहरीर देकर बताया था कि उसके पिता पैरू उर्फ देवतादीन के नाम ग्राम लखैहिया बरवलिया चौराहा स्थित दो दुकानें राजस्व अभिलेखों में दर्ज थीं, जिन्हें दर्जीगांव निवासी बनवारी को किराये पर दिया गया था।
आरोप है कि बनवारी और गुरुप्रसाद ने फर्जीवाड़ा कर नवाबगंज के जलालपुर निवासी मंजू देवी और रामनिवास से मिलीभगत कर 31 मई 2017 को मंजू देवी के पक्ष में अवैध बैनामा कर दिया। इसके अलावा जाहिद अली और अवधेश कुमार पर भी इस फर्जीवाड़े में सहयोग करने का आरोप लगाया गया था।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर 7 जून 2018 को विवेचना रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। बृहस्पतिवार को सीजेएम प्रतिभा चौधरी ने मामले की सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद बनवारी, गुरुप्रसाद, रामनिवास और मंजू देवी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
वहीं, मुकदमे में नामजद जाहिद अली और अवधेश कुमार को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। मामले में अभियोजन अधिकारी निर्मल यादव ने बताया कि राज्य बनाम अभियुक्तों के इस मुकदमे में चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है, जबकि दो अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है।