बहराइच। परसपुर गांव निवासी अभियुक्त को अपनी पत्नी की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी की अदालत ने बृहस्पतिवार को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के वादी हसनबेग ने दो जून 2003 को कोतवाली नानपारा में तहरीर देकर कहा था कि उन्होंने चार वर्ष पूर्व अपनी बेटी की शादी परसपुर गांव निवासी जिब्राइल के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करते थे। दो जून को उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी की मौत हो गई है। परिजन ससुराल पहुंचे, जहां बेटी का शव जिब्राइल के कमरे में मिला।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने आठ जून 2003 को जिब्राइल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्य व गवाह एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अनिल कुमार बारह की अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।