बहराइच। कोतवाली देहात के बड़की बगिया चौखड़िया गांव में वर्ष 2005 में हुए हत्या के प्रयास के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सोमवार को चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर सभी को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
घटना 13 सितंबर 2005 की है। वादी ने कोतवाली देहात में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि बड़की बगिया चौखड़िया गांव निवासी राधे, सियाराम, पुत्तन और गोविंद कट्टा, लाठी और डंडों से लैस होकर उसके घर में घुस आए। राधे और पुत्तन ने जान से मारने की नीयत से कट्टे से फायर किया, जिससे सरोज और इतवारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर इतवारी, जगराम और सुरेश को भी घायल कर दिया।
घटना के बाद घायलों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना पूरी होने के बाद 24 मार्च 2006 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 8 मई 2006 से साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत करने शुरू किए। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह द्वितीय की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।