बहराइच/पयागपुर। पयागपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के दौरान लापरवाही सामने आने पर उपजिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच बीएलओ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं 42 सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ उनका वेतन रोक दिया गया है।
उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरते जाने के मामले सामने आए। जांच में पाया गया कि कई बीएलओ और सुपरवाइजर निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे थे।
एसडीएम ने बताया कि बीएलओ की मनमानी की जानकारी के बाद कैसरगंज और विशेश्वरगंज थानों में दो-दो तथा हुजूरपुर थाने में एक बीएलओ के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की संबंधित धाराओं में शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है। इन पांच बीएलओ में दो महिला बीएलओ भी शामिल हैं। एसडीएम ने बताया कि सभी बीएलओ ने पुनरीक्षण कार्य में गंभीर शिथिलता बरती थी और फील्ड सत्यापन में कई अनियमितताएं की थीं।
इसके अतिरिक्त, विशेष गहन पुनरीक्षण में असंतोषजनक प्रदर्शन के कारण 42 सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि पयागपुर विधानसभा के 420 मतदेय स्थलों पर सुपरवाइजरों की तैनाती की गई थी। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि 42 सुपरवाइजरों के प्रभावी पर्यवेक्षण न करने के कारण मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। इनमें राजस्व निरीक्षक, राजस्व लेखपाल और सहायक अध्यापक शामिल हैं। इन सभी के वेतन भुगतान पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
लगातार गैरहाजिर रहने पर लेखपाल निलंबित
उपजिलाधिकारी ने बताया कि तहसील क्षेत्र में विकास खंड विशेश्वरगंज के ग्राम पंचायत पटना में तैनात राजस्व लेखपाल आशीष कुमार को लगातार अनुपस्थिति के कारण निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम ने कहा कि लेखपाल के गैरहाजिर रहने की रिपोर्ट तहसीलदार अंबिका चौधरी द्वारा 17 नवंबर को दी गई थी। रिपोर्ट में उल्लेख था कि लेखपाल आशीष कुमार बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के कई दिनों से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे। तत्काल प्रभाव से लेखपाल को निलंबित करते हुए मामले की जांच नायब तहसीलदार विशेश्वरगंज को सौंपी गई है।