महसी के करेहना में अधूरा प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में बढ़ती धांधली की शिकायतों के बाद ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जिलों के अफसरों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी जिले में पात्रों को धन पाने के लिए विकास भवन तक का चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। कर्मचारी और अफसर खातों में किस्त ही नहीं भेज रहे।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत केंद्र सरकार ने हर लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपये देने का नियम तय किया है। वर्ष 2017-18 में जनपद के 14 विकास खंडों के 17533 बेघर गरीब परिवारों को आवास देने का लक्ष्य निर्धारित है।
इसके लिए जनपद के ब्लॉकों में पंजीकरण शुरू हो गया है। बीते दिनों ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने सीतापुर जनपद का दौरा किया था। वहां रेउसा ब्लॉक में आवास के लिए धन उगाही की शिकायत मिली थी। इस पर केस दर्ज करने का आदेश दिया गया था।
इसके बाद ग्राम्य विकास आयुक्त ने सभी जनपदों के अफसरों को आवास योजना में अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए थे। लेकिन जिले के अफसरों ने इसका संज्ञान ही नहीं लिया है। ग्रामीण इलाकों से प्रतिदिन आवासों में धांधली की शिकायतें सामने आ रही हैं। मगर इनको दरकिनार कर कर्मचारी और अफसर मनमानी करने में जुटे हुए हैं।