बहराइच। जिले में स्थित दो चीनीमिलों पर किसानों का 1.34 अरब रुपये गन्ने का बकाया है। इसको लेकर किसान काफी परेशान हैं। वहीं सरकार ने गन्ना किसानों को खुशखबरी देते हुए लाभकारी मूल्य पांच रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। इस पर किसानों की मिलीजुली प्रतिक्रिया है। किसानों का कहना है कि उनका बकाया समय से मिल जाए तो उन्हें अधिक परेशानी नहीं होगी। लेकिन मिल संचालन होने से उन्हें प्रति क्विंटल पांच रुपये का फायदा होगा।
जिला कृषि बाहुल्य है। किसान नकदी फसल के रूप में गन्ने की अधिक मात्रा में बोआई करते हैं। किसानों से गन्ना खरीदने के लिए नानपारा में श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल, चिलवरिया में शिंभावला शुगर मिल, परसेंडी में पारले चीनी मिल और जरवल में आईपीएल चीनी मिल संचालित है। यहां पर किसानों का हजारों क्विंटल गन्ना खरीदा जाता है। गाढ़ी कमाई कर किसान गन्ना मिल तक पहुंचा देते हैं, लेकिन यही मिल किसानों को बकाया भुगतान करने में काफी समय लगा देते हैं। जिला कृषि अधिकारी शैलेष कुमार मौर्या ने बताया कि जरवल और परसेंडी में स्थित चीनी मिल द्वारा गन्ना का बकाया भुगतान कर दिया गया है। जबकि चिलवरिया में स्थित शिंभावली शुगर मिल में 103 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। जबकि नानपारा में स्थित श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल में किसानों का 31 करोड़ 90 लाख रुपये बकाया है। किसानों का अरबों रुपया मिल में बकाया होने से सभी परेशान हैं। सभी गन्ना बकाया भुगतान के लिए बैंक और मिल का चक्कर लगा रहे हैं।
वहीं अब सरकार की ओर से इस सीजन में गन्ना का लाभकारी मूल्य पांच रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया गया है। इसको लेकर किसानों में खुशी है। वहीं कुछ किसान बकाया को ही दिलाने पर जोर दे रहे हैं। किसानों के मुताबिक बकाया समय से मिल जाए तो उनके घर का खर्च आसानी से चल जाए। साथ ही खेती किसानी भी बेहतर तरीके से हो जाएगी। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि इस बार मिल द्वारा जो गन्ना खरीदा जाएगा, उस पर प्रति क्विंटल पांच रुपये बढ़ जाएगा। वहीं बीते हफ्ते जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने गन्ना बकाया भुगतान की समीक्षा बैठक में नाराजगी जताते हुए अगस्त माह में 10 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश चिलवरिया के महाप्रबंधक को दिया था। लेकिन नवंबर माह के बाद से अभी तक किसी किसान को भुगतान नहीं किया गया है।
शिंभावली शुगर मिल ने किसानों का 27 नवंबर 2020 के बाद से भुगतान नहीं किया है। यहां 2.15 प्रतिशत का भुगतान किया गया है। जबकि नानपारा चीनी मिल की ओर से पांच फरवरी 2021 के बाद से कोई भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान के लिए प्रबंधक को पत्र लिखा जा रहा है। -शैलेष कुमार मौर्या, जिला गन्ना अधिकारी
पांच रुपये गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों की मिलीजुली प्रतिक्रिया
मोतीपुर तहसील के सेमरीघटही निवासी हरीशचंद्र और राजेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने पांच रुपया बढ़ाया है। यह सराहनीय है, लेकिन किसानों का बकाया समय से मिल जाए तो बेहतर रहेगा। मिहींपुरवा निवासी गुड्डू लोधी और भगत सरकार के फैसले से खुश दिखे। किसानों ने कहा कि कम से कम पांच रुपये क्विंटल रेट बढ़ा है। इसका सभी किसानों को लाभ मिलेगा।