तिरपाल के नीचे राते गुजार रहे पीड़ित, बाढ़ प्रभावित गांवों से धीरे-धीरे निकल रहा पानी
एल्गिन ब्रिज पर सरयू अब भी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर
तीनों बैराजों से छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी, डीएम ने जाना बाढ़ पीड़ितों का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच/खैरीघाट। जिले में हुई मूसलाधार बारिश व नेपाली नदियों-नालों से आया भीषण पानी सरयू की बाढ़ के रूप में 50 से अधिक गांवों में दाखिल हो गया था। जो अब धीरे-धीरे कर निकल रहा है। लेकिन बाढ़ का पानी निकलने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों की असली समस्या उभर कर सामने आ रही है। बाढ़ ने शिवपुर विकासखंड क्षेत्र में 21 घरों का निगल लिया, जिसके बाद सभी परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और तिरपाल के नीचे रातें गुजारने को विवश हैं। वहीं डीएम व सीडीओ ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना व उनकी हर संभव मदद किए जाने का आश्वासन दिया।
सरयू की बाढ़ ने शिवपुर विकासखंड में भीषण तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी विकासखंड क्षेत्र के दर्जनो गांवों में घुसा था, जो अब निकल गया है। लेकिन अपने पीछे मुसीबतों का पहाड़ छोड़ गया है। वहीं सरयू की लहरों ने ग्राम पंचायत बौंड़ी के मजरा दुईजीपुरवा, अंबरपुर के मजरा पसियनपुरवा के 21 घरों को निगल लिया। जिससे दुईजीपुरवा निवासी पहलवान, भोलानाथ, हरीराम, राकेश, राजेंद्र, मीरा देवी, अजय कुमार, ओम प्रकाश, अमिरका प्रसाद, अमृत लाल, सुरेश कुमार, सुग्रीव प्रसाद आदि व पसियनपुरवा निवासी सीताराम, मंशाराम, राम मूरत, रामसूरत किशनावती आदि खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। सभी प्रशासन द्वारा दिए गए तिरपाल के नीचे दोपहर की धूप व अंधेरी रात काट रहे हैं। जिससे उनकी जिंदगी नरक बन गई है। लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया है कि कुल 21 लोगों के मकान कट गये हैं, इन सभी कटान पीड़ितों को त्रिपाल दिया गया है। साथ ही अन्य मदद के लिए प्रयास किया जा रहा है।
सीडीओ ने महसी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जाना हाल
महसी। सरयू की बाढ़ ने महसी तहसील क्षेत्र के दो दर्जन गांवों को भी अपने जद में लिया है। जहां धीरे-धीरे कर बाढ़ का पानी निकल रहा है, लेकिन लोगों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। बृहस्पतिवार को सीडीओ रम्या आर ने महसी तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव मांझा दरियाबुर्द का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभातिव लोगों से बातचीत की और उनको मिलने वाली मदद की जानकारी ली। साथ ही विभागीय अधिकारियों से बाढ़ बचाव तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान बीडीओ महसी हेमंत कुमार यादव, ब्लॉक प्रमुख शिवपुर सुधीर यज्ञसैनी, प्रवीण श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
सरयू अब भी लाल निशान से 32 सेमी ऊपर, बढ़ा रही धुकधुकी
जिले में बारिश का दौर थमे चार दिन से अधिक हो गया है और सरयू के जलस्तर में भी कमी आई है। लेकिन सरयू अब भी खतरे के निशान से नीचे नहीं आई है और अब भी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिससे जिला प्रशासन के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की भी धुकधुकी बढ़ी हुई है। बृहस्पतिवार की सुबह सरयू में शारदा बैराज से 1, 83, 480 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 1, 15, 127 और सरयू बैराज से 10,140 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तीनों बैराजों से कुल 3, 08, 747 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं एल्गिन बैराज पर सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.39 मीटर रहा।
डीएम ने जाना पीड़ितों का दर्द
मिहींपुरवा तहसील में सरयू नदी में आयी बाढ से प्रभावित गांवों का डीएम मोनिका रानी ने दौरा कर बाढ़ पीड़ितों का दर्द जाना। बाढ़ से ग्राम बड़खड़िया और जंगल गुलरिया और सुजौली में लोग प्रभावित है। बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों की समस्याओं को सुन डीएम मोनिका रानी जिले ने अन्य विभागों के अधिकारियों को प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता दिलाने को कहा। डीएमए ने पीड़ित महिलाओं से बात की और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। डीएम काफी दूर तक पैदल चलकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचीं।