बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। एल्गिन ब्रिज के पास नदी की धारा ने बुधवार रात एक पक्का मकान और खेतों को लील लिया। अब हालात ऐसे हैं कि जानकीनगर गांव उजड़ने के कगार पर है और लोग गृहस्थी समेटकर पलायन करने के लिए मजबूर हो गए हैं।
सरयू नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है, लेकिन पानी घटने के साथ कटान और तेज हो गई है। बुधवार देर रात नदी की तेज धारा गांव निवासी कलाम का घर बहा ले गई। कटान रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड द्वारा लगाए गए चार जियो बैग भी नदी ने निगल लिए।
फिलहाल नदी भूषण के घर पर तेजी से कटान कर रही है। अब तक लगभग 20 बीघा उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है। गांव के लोग बताते हैं कि खेत, घर और सहारा सब कुछ नदी के हवाले हो रहा है।
कटान की सबसे ज्यादा मार जानकीनगर गांव पर पड़ी है। यहां लोग अपनी गृहस्थी समेटकर पलायन करने लगे हैं। कभी आबाद रहने वाले इस गांव में अब महज चार घर ही बचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन सिर्फ जियो बैग डालने तक ही सीमित रहा, जबकि नदी लगातार आबादी और खेत दोनों को बहा रही है।
ग्रामीणों में आक्रोश है कि न तो कटान रोकने की ठोस व्यवस्था की गई और न ही विस्थापन की तैयारी। हर साल की तरह इस बार भी गांव उजड़ रहा है और लोग बेघर होकर इधर-उधर शरण लेने के लिए मजबूर हैं।
कटान की मार झेल रहा पूर्व प्रधान का परिवार
जानकीनगर के भूषण का घर इस समय तेज कटान की जद में है। भूषण के पिता राजाराम पहले गांव के प्रधान रह चुके हैं। परिवार का पक्का मकान था, संपन्नता थी, कभी गांव में राजाराम का परिवार एक मिसाल था, लेकिन कटान ने सब कुछ लील लिया। अब हालात ये हैं कि पूरा परिवार खुले आसमान तले गुजर-बसर करने के लिए मजबूर हो गया है। भूषण ने बताया कि अपने हाथों से घर की ईंट उजाड़नी पड़ रही है, इससे बुरा और क्या हो सकता है।