बहराइच/कैसरगंज। कैसरगंज क्षेत्र में भेड़ियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर एक महिला व चार बच्चों पर हमला कर जख्मी कर दिया। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। भेड़िये के हमले से जख्मी एक बालिका की हालत गंभीर है। उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
कैसरगंज के केलहा पुरवा गांव निवासी प्रमोद धनगर की पुत्री पुष्पा (7) शनिवार दोपहर करीब दो बजे घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान धान के खेत से निकले भेड़िये ने अचानक उस पर हमला कर दिया और जबड़े में दबोचकर खेत की ओर भाग गया।
बच्ची की चीख सुनते ही परिजन और आसपास के लोग शोर मचाते हुए उसकी ओर दौड़े। ग्रामीणों ने करीब 500 मीटर की दूरी पर घेराबंदी कर भेड़िये को खदेड़ा, इसके बाद उसने बच्ची को छोड़ दिया। हमले मेंं पुष्पा के गले, पेट, पीठ और चेहरे पर गहरे जख्म हो गए हैं।
उधर, शनिवार भोर करीब तीन बजे बलराजपुरवा में लालजी की पत्नी दुर्गावती पर भेड़िये ने सोते समय हमला किया। इसके बाद बहरैचनपुरवा में रेणुका (3) पुत्री रामू और हेमराज की पुत्री मोनिका पर झपट्टा मारकर घायल कर दिया। गोड़हिया नंबर एक निवासी मीना कुमारी (13) पुत्री रामकिशन भी भेड़िये के हमले में जख्मी हो गई है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि मौके पर पहुंचकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैसरगंज पहुंचाया गया, डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए पुष्पा को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। शाम तक स्थिति और बिगड़ने पर चिकित्सकों ने बच्ची को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेज दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके गले में अत्यंत गहरे घाव हो गए हैं, हालत अभी नाजुक बनी हुई है।
उधर घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। डीएफओ ने बताया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। भेड़ियों की तलाश जारी है।
लगातार हमलों से दहशत, अब तक छह की मौत
तराई क्षेत्र में भेड़ियों के हमले अब आम होते जा रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में लगातार हमलों में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद वन विभाग भेड़िये को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा है। ग्रामीणों में भय का माहौल है, शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है।