स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की वेतन भुगतान में धांधली करने के आरोपी आठ लेखा लिपिकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से रिलीव कर दिया गया है। उन्हें तैनानी स्थल पर जॉइन करने का निर्देश दिया है।
छठवें वेतन आयोग की संस्तुति के बाद वर्ष 2008-09 एवं 2009-10 में राज्य कर्मचारियों की वेतन में बढ़ोत्तरी हुई। शासन ने कर्मचारियों के क्रमश: 20 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत का एरियर भुगतान, बोनस, अन्य देयक आदि के कोषागार द्वारा जारी एकाउंट पेयी चेक को कर्मचारियों के बैंक खाते में जमा करने का निर्देश जारी किया था।
लेकिन लेखा लिपिकों ने एरियर, बोनस व अन्य देयकों को कर्मचारियों के एकाउंट में न डालकर अपने-अपने खाते में जमा कर लिया। इसके बाद वसूली कर कर्मचारियों को बैंक एकाउंट से रुपये निकाल नगद भुगतान किया गया।
इस बारे में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की शिकायत पर ऑडिट कराई गई जिसमें मामला पकड़ा गया। सीएमओ डॉ डीआर सिंह ने दोषी छह लिपिकों को नए तैनाती स्थल पर जॉइन करने के लिए रिलीव कर दिया है।
कार्यमुक्त होने वालों में सीएमओ कार्यालय के लेखा लिपिक बृजेश यादव, संजय अवस्थी, रामराज को महाराजगंज और सलमान जाफरी, अब्दुल कबि, चंद्रसेन सिंह को कुशीनगर के लिए रिलीव किया गया है। इनके अलावा गोंडा में तैनात लेखा लिपिक रामकेश को देवरिया व बाराबंकी में तैनात लिपिक आनंद श्रीवास्तव को देवरिया के लिए रिलीव किया गया है।