श्रावस्ती बौद्ध पर्यटन स्थल का विकास सारनाथ व बोधगया की तरह होगा। यहां संग्रहालय, थीम पार्क व पार्किंग स्थल का निर्माण होगा। बौद्ध सर्किट को रामायण सर्किट से जोड़ा जाएगा। इसके लिए शनिवार को केंद्रीय पर्यटन सचिव ने बौद्ध पर्यटन स्थल का मुआयना किया। वह अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगे।
श्रावस्ती बौद्ध तपोस्थली में पर्यटन की संभावनाओं की तलाश के लिए शनिवार को केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी ने पुरातत्व विभाग की ओर से उत्खनित प्राचीन अवशेषों को देखा। इस दौरान महामंकोल मंदिर सहित कई मठों का भ्रमण किया।
उन्होंने कहा कि चक्र भंडार गांव में पर्यटन विभाग की खाली पड़ी भूमि पर संग्रहालय व पार्क विकसित किया जाएगा। मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्राचीन धरोहरों का सुंदरीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही चक्र भंडार में बनने वाले पार्क में भगवान बुद्ध की मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
संग्रहालय में भगवान बुद्ध से जुड़ी वस्तुएं जो श्रावस्ती में मिलीं उन्हें संरक्षित कर पर्यटकों को देखने के लिए रखा जाएगा। इसके साथ ही केंद्रीय पर्यटन सचिव ने जेतवन स्कूल के निकट पार्किंग स्थल व शापिंग सेंटर बनवाने की घोषणा भी की।
इसके साथ ही पुरातत्व अधिकारियों से जेतवन गेट पर प्रस्तावित अत्याधुनिक सुविधा केन्द्र प्रवेश व निकास द्वार तथा महेट में वाच टावर के निर्माण के संबंध में जानकारी ली। पुरातत्व अधिकारियों को निर्देश दिया दिया की सुविधा केन्द्र के निर्माण में कोई बाधा होने पर प्रस्ताव भिजवाया जाए।
इस दौरान उन्होंने बौद्ध एवं रामायण सर्किट को जोड़ने की बात कही। उनका कहना था कि श्रावस्ती को भगवान बुद्ध के जीवन से संबंधित थीम पार्क के साथ ही वर्ल्ड पीस बेल पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस मौके पर डीएम नितीश कुमार, केन्द्रीय संयुक्त पर्यटन सचिव सुमन बिला, मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह, उपनिदेशक पर्यटन अनूप श्रीवास्तव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी फैजाबाद बीपी सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।