चरदा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरदा में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता मामला सामने आया है। यहां मंगलवार शाम लाए गए सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, लेकिन उसका शव बुधवार सुबह 10:25 बजे तक अस्पताल के जनरल वार्ड में ही पड़ा रहा। 15 घंटे तक पुलिस शव लेने नहीं पहुंची। इससे रातभर दूसरे मरीज परेशान रहे।
मंगलवार शाम सुमेरपुर पुलिया के पास बाइक दुर्घटना में घायल तीन लोगों को एम्बुलेंस से करीब 7:40 बजे सीएचसी लाया गया था। इनमें परसा अगईया निवासी जय प्रकाश (45) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद थाना रुपईडीहा पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय नहीं ले गई। शव जनरल वार्ड में पड़ा रहा। इस दौरान वार्ड में भर्ती दूसरे मरीज परेशान रहे। बुधवार को ओपीडी शुरू होने पर भी शव हटाए जाने से अव्यवस्था बनी रही।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेश विश्वकर्मा ने कहा कि सूचना देने के बावजूद समय पर शव नहीं उठाया गया। इससे अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हुई। मामले में प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने बताया कि स्टॉफ की कमी थी। इसके चलते रात में शव को जिला मुख्यालय नहीं भेजा जा सका, लेकिन रात 10 बजे से ही शव की सुरक्षा के लिए पीआरडी जवान हरिराम नंदा और शाकिर अली की ड्यूटी अस्पताल में लगा दी गई थी।
रात भर आते रहे तरह-तरह के ख्याल
अस्पताल में मौजूद तीमारदार रामू यादव ने कहा कि रात भर शव को वार्ड में देख मन में तरह-तरह के डर और अजीब ख्याल आते रहे, नींद भी नहीं आई। वहीं तीमारदार शकील अहमद ने कहा ऐसा माहौल पहली बार देखा, पूरी रात बेचैनी रही और मन में अनहोनी की आशंका बनी रही।