बहराइच। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं, सरसों, मसूर आदि की बोआई किसान कर चुके हैं और अब पहली सिंचाई की दरकार है। किसान खेतों के पास से गुजरी नहरों व माइनरों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं, लेकिन सूखी नहरें उनकी उम्मीदों को तोड़ रही हैं। नहरों में पानी न होने से किसानों के खेतों में लगी फसलें सूख रही हैं और जिम्मेदार हुक्मरान मौन हैं। नहरों में पानी न होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब किसानों को हो रही है, जिनके पास डीजल पंप नहीं है और वह पूरी तरह से नहरों के पानी पर आश्रित हैं। पेश है सूखी नहरों पर पड़ताल करती हुई जितेंद्र दीक्षित की एक रिपोर्ट...
सीन- 01, धरसवां
मुख्य नहर में नहीं पानी, कैसे हो किसानी
धरसवां के पास से सरयू नहर की तरबगंज शाखा की मुख्य नहर गुजरी है। इसके पानी से धरसवां, कमोलिया, सिटकहना, हुहरू, कुसौर, श्रावस्ती जिले के बंतवारा, गुरूदासपुरवा समेत सैकड़ों गांवों के किसान सिंचाई करते हैं। बावजूद इसके अभी तक नहर में पानी नहीं छाेड़ा गया है। किसान सतीश, कुसौर निवासी राजन आदि ने बताया कि डीजल पंप से सिंचाई करना मजबूरी है। इससे कृषि लागत में वृद्धि होगी।
सीन- 2, नवाबगंज
पानी न होने से गुस्साए किसानों का प्रदर्शन
नवाबगंज विकासखंड की कई नहरें व माइनर सूखी पड़ी हैं। इससे गेहूं, मक्का, सरसों आदि फसलों की बोआई कर चुके किसान परेशान हैं। सोमवार को आक्रोशित किसानों ने जिला पंचायत सदस्य जवाहरलाल यादव के नेतृत्व में नवाबगंज नहर में खड़े होकर सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे किसान गुरुदीन यादव, विक्रम, विजय कुमार सिंह, लवकुश, सलमान, बाबूलाल वर्मा आदि ने बताया कि जिम्मेदार हमारी पीड़ा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सीन- 3, देवलखा
कीमती जमीनें लेकर बनाई नहर, पानी दे ही नहीं रहे
कैसरगंज तहसील क्षेत्र से गुजरी दर्जनों नहरें व माइनर सूखी पड़ी हैं। नहर में पानी न आने से किसान डीजल पंप का सहारा ले रहे हैं। क्षेत्रीय किसान राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि किसानों की कीमती जमीनें अधिग्रहण कर ली गई हैं, लेकिन अब पानी नहीं दे रहे। किसान राम समुझ मौर्य ने बताया कि पानी न आने से गेहूं, मटर, मसूर, सरसों, गन्ना आदि की फसलें सूख रही हैं। डीजल पंप से सिंचाई करने पर लागत बढ़ेगी और मुनाफा कम होगा।
सीन- 4, पुरैना
पहले खाद ने रुलाया, अब सिंचाई के लिए पानी नहीं
विशेश्वरगंज क्षेत्र में नहरें सूखी होने से किसानों में भारी रोष है। किसान राम गोविंद शुक्ल, मुन्ना शुक्ल, बजरंगी कश्यप, विष्णु कश्यप आदि ने बताया कि पहले तो गेहूं बोआई के लिए समय पर खाद व बीज नहीं मिली और फसल बोआई में देरी हुई। वहीं अब सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा। जिससे किसान परेशान हैं। किसानों ने बताया कि 21 दिन बाद पहली सिंचाई जरूरी होती है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
गिरिजा बैराज से पानी नहीं मिला है। नदियों में पानी न होने से भी दिक्कत बढ़ गई है। नहरों में पानी देने के लिए जलाशय में पानी भरा जा रहा है। पानी भरने के बाद ही नहरों में पानी दिया जाएगा।
हर्ष कुमार, अधिशासी अभियंता