बहराइच। प्राथमिक व उच्च विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को ड्रेस के लिए अब स्कूल के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब संविलय विद्यालय में पंजीकृत बच्चों को उनके ड्रेस खरीदने के लिए सरकार ने बदलाव करते हुए उनके अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए धनराशि भेजने का निर्णय लिया है। बच्चों के अभिभावकों का खाता संख्या व आधार कार्ड नंबर की फीडिंग का काम चल रहा है। अगस्त माह के पहले सप्ताह में धनराशि पहुंचने की उम्मीद है। पिछले सत्र में स्कूल के माध्यम से बच्चों को ड्रेस वितरित किया गया था। इस बार बदले निर्णय से अभिभावक काफी खुश है।
जिले में 2828 प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय है। 30 सितंबर 2020 के फीडिंग के आधार पर इस समय चार लाख 99 हजार बच्चें पंजीकृत है। सत्र 2020-2021 में चार लाख 74 हजार 002 बच्चें पंजीकृत थे। पिछले सत्र में स्कूल के प्रबंध समिति के खातों में पैसे आने के बाद बच्चों को ड्रेस का वितरण किया गया था, लेकिन इस बार सत्र 2021-22 में ड्रेस वितरण प्रक्रिया में बदलाव लाया गया है। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिशियरी ट्रांसफर) के माध्यम से बच्चें ड्रेस खरीदेंगे।
इसके लिए प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से सभी टीचर अपने विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक का आधार व खाता नंबर अपलोड करेंगे। उसका खंड शिक्षा अधिकारी केे द्वारा सत्यापन किया जाएगा। उसके बाद नियमानुसार बच्चों के ड्रेस का पैसा बच्चों के अभिभावकों के खातों में सीधे शासन द्वारा भेज दिया जाएगा। पैसे मिलने के बाद अभिभावक बच्चों के ड्रेस को खरीद सकेंगे। इससे बच्चे व अभिभावक दोनों खुश हैं। अपने पसंद से खरीदने पर बच्चों के कपड़ों की क्वालिटी व नाप दोनों बेहतर रहेगी। सरकार के इस फैसले को बच्चों के अभिभावकों ने काफी सराहा है।
प्रेरणा एप पर चल रहा फीडिंग का काम
बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजने के लिए प्रेरणा एप पर काम कराया जा रहा है। सभी स्कूल के शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों का डाटा मंगवाकर फीड कराने का काम कर रहे है। जिले में चार लाख 99 हजार बच्चों को इसका फायदा मिलेगा।
अगस्त माह में आ जाएगा बजट
ड्रेस वितरण की प्रक्रिया में इस बार शासन द्वारा बदलाव किया गया है। सत्र 2021-22 चार लाख 99 हजार बच्चें पंजीकृत है। उनके डिटेल्स की जानकारी प्रेरणा एप पर अपलोड की जा रही है। अपलोड होने के बाद जल्द ही शासन द्वारा खातों में पैसा भेज दिया जाएगा। उम्मीद है कि अगस्त माह के पहले सप्ताह के अंदर तक खातों में पैसा आ जाएगा। -अखिलेश कुमार शुक्ला, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता