मंडलायुक्त विकास कार्यों की समीक्षा करने के लिए बुध्ावार को विकास भवन में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। नारेबाजी सुनकर पहुंचे मंडलायुक्त ने लोगों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। शहर के उत्तरी-पूर्वी छोर पर बसे घसियारीपुरा व नौवागढ़ी में विगत छह वर्षों से जलभराव है।
मोहल्ले की गलियों व मकानों में पांच-छह फीट पानी भरा है। कुछ पलायन कर चुके हैं तो कुछ मकान के दूसरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं। मंगलवार को डिगिहा तिराहे पर मोहल्लावासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था तब नगर मजिस्ट्रेट वीएन पांडेय ने गुस्साए लोगों को शांत कराकर कार्यालय में मिलने की बात कही थी।
बुधवार को लोग नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। नगर मजिस्ट्रेट ने डीएम अभय कुमार से मोहल्लावासियों से मुलाकात करने का अनुरोध किया लेकिन डीएम ने मना कर दिया। इससे लोग भड़क उठे और विकास भवन पहुंच गए। यहां दो दिवसीय दौरे पर आए मंडलायुक्त आरपी अरोड़ा अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। गुस्साए लोगों ने विकास भवन गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी।
शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे मंडलायुक्त को लोगों ने जलभराव की समस्या से अवगत कराया। मंडलायुक्त ने समस्या की वास्तविकता समझने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर शशींद्र पाठक, अमित श्रीवास्तव, मनीष सिंह, प्रेम दूबे, जीतेंद्र श्रीवास्तव, गुरमीत सिंह, अमित अग्रवाल, मनोज श्रीवास्तव, प्रशांत मिश्रा आदि लोग थे।