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Bahraich News: एजेंसियों में मतभेद, कस्टम ने चार घंटे बंद रखा भारत-नेपाल बॉर्डर

Wed, 29 May 2024 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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रुपईडीहा बॉर्डर बंद होने के बाद कस्बे में खड़ीं बसें व ई रिक्शा। संवाद - फोटो : संवाद
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रुपईडीहा (बहराइच)। भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मंगलवार की सुबह अचानक कस्टम की ओर से आवागमन रोक दिया गया। इससे दोनों देशों के हजारों राहगीरों में हड़कंप मच गया और बॉर्डर के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बिना किसी आधिकारिक सूचना के लगभग चार घंटे तक अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर बंद रहा। इससे रुपईडीहा के व्यापारियों का भी लाखों का नुकसान हुआ और व्यापारी आक्रोशित रहे। आवागमन ठप करवाने के पीछे मैत्री बस सेवा के आवागमन को लेकर एसएसबी व कस्टम के बीच मतभेद की बात कही गई। हालांकि दोनों ही विभागों के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
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नगर पंचायत रुपईडीहा स्थित भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा सुबह छह बजे आवागमन के लिए खुल जाती है। लेकिन मंगलवार की सुबह रुपईडीहा कस्टम विभाग की ओर से बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया। बिना किसी आधिकारिक सूचना के बॉर्डर पर आवागमन रोकने से दोनों देशों के राहगीर सकते में आ गए और एक दूसरे से बॉर्डर बंद होने की जानकारी लेने लगे। वहीं देखते ही देखते सीमा पर भारत व नेपाल दोनों क्षेत्रों में हजारों छोटे-बड़े वाहनों की कतार लग गई। जानकारी लेने के लिए जब कस्टम कार्यालय की पड़ताल की गई तो वहां कोई अधिकारी नहीं मिली। सभी के इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पर होने की बात कही गई। कस्टम बैरियर के मुख्य आरक्षी श्याम कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि भारत नेपाल सीमा पर आईसीपी का निर्माण किया गया है। इसके नोटिफिकेशन के हिसाब से कार्गो और मालवाहक वाहनों का आवागमन होना है। वहीं सवारी वाहन, नेपाल भारत मैत्री संघ की बसें, रोडवेज बसें पूर्व के रास्ते से गुजरनी हैं। जिन्हें एसएसबी रोक रही है। वहीं इन्हें रोकने का उचित कारण नहीं दे रही है।
एसएसबी के सहायक कमांडेंट विधान चकमा से बात करने पर उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल की सीमा पर उनका काम सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना है। बताते चलें कि सीमा पर सुबह लगभग 10 बजे आवागमन शुरू किया गया।
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फंसे रहे हजारों राहगीर
कस्टम की ओर से अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के आवागमन रोकने के चलते दोनों देशों के हजारों राहगीर फंसे रहे। वहीं नेपाल-भारत मैत्री संघ की पांच बसें लैंड कस्टम पर खड़ी रहीं। इसके साथ ही सैकड़ों की संख्या में दो पहिया व चार पहिया वाहन भी खड़े नजर आए। यही नहीं इस दौरान भारतीय क्षेत्र में मरीज को उतारकर नेपालगंज जा रही एक एंबुलेंस भी फंसी रही।

लोग बोले- संधि का उल्लंघन
अचानक बॉर्डर पर आवागमन रोकने को लेकर लोगों में आक्रोश रहा। जाम में फंसे लोगों ने कहा कि दोनों देशों के राजनेताओं के बीच संधि के तहत आवागमन होता है। बॉर्डर पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोग गुजरते हैं। ऐसे में अचानक आवागमन रोका जाना निंदनीय है। साथ ही दोनों देशों की मैत्री पूर्ण व्यवहार को अधिकारियों ने सीमा बंद कर चोट पहुंचाई है।

व्यापारियों में आक्रोश
बॉर्डर पर अचानक आवागमन रोकने को लेकर क्षेत्रीय व्यापारियों में भी आक्रोश रहा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय कुमार मित्तल, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, महामंत्री संजय कुमार ने बताया कि लाखों रुपए का व्यापारिक नुकसान इस बंदी के चलते हुआ है, जो बहुत ही निंदनीय है। आपसी सामंजस्य न होने के कारण यह बंदी हुई है।

छह दिन आईसीपी से गुजरी बसें, कस्टम को अब क्या दिक्कत
लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रबंधक बीएस सिसोदिया से बात करने पर उन्होंने बताया कि 12 से 17 मई तक मैत्री बसें आईसीपी से गुजरी हैं। अब अचानक क्या दिक्कत हो गई जो कस्टम को मैत्री बसों को पुराने रास्ते से गुजारना है। आईसीपी में यात्री टर्मिनल बनाया गया है, जिससे उन्हें गुजरना चाहिए। यहां पर इमीग्रेशन सहित अन्य ऑफिस स्थित है। छोटे वाहन, दो पहिया व चार पहिया वाहन ही पुराने रास्तों से आवागमन कर सकते हैं।

रुपईडीहा बॉर्डर बंद होने के बाद कस्बे में खड़ीं बसें व ई रिक्शा। संवाद- फोटो : संवाद

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