तपोस्थली पहुंचे थाईलैंड व स्विटजरलैंड के उपासक व उपासिकाओं ने ओड़ाझार व जेतवन थाई मंदिर में विशेष प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने जुलूस भी निकाला। इस मौके पर सदस्यों ने गंध कुटि पर विश्वशांति के लिए प्रार्थना भी की। तथागत भगवान बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती वसंत ऋतु आगमन के साथ ही रंग-बिरंगे फूलों से सज गई है।
ऐसे में यहां विभिन्न देशों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इसी क्रम में रविवार को भिक्षु डॉ. हरफर महाखुम शरन के नेतृत्व में थाईलैंड व स्विटजरलैंड से आए उपासक व उपासिकाओं ने ओड़ाझार स्थित टीले से जेतवन थाई मंदिर तक जुलूस निकाला।
दल के सदस्यों ने गंध कुटि को फूलों से सजा कर विशेष पूजा की। इस दौरान उपासकों के बुद्धम शरणम गच्छामि उद्घोष से समूची तपोस्थली गुंजायमान रही। दल के सदस्यों ने गंध कुटि पर विश्वशांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं के साथ मिलकर विशेष प्रार्थना की।