दरगाह पर पूरे दिन जियारत के लिए दूर दराज से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। परंपरा के मुताबिक सभी ने गाजी की दरगाह पर हाजिरी लगाकर जियारत की। अमन चैन और सुख समृद्धि की दुआएं मांगी। इस दौरान मेले में लोगों ने खरीदारी की। जियारत के साथ ही तीन दिवसीय बसंत मेले का समापन हो गया।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर तीन दिवसीय बसंत मेले के अंतिम दिन रविवार सुबह से ही जियारत के लिए जायरीन उमड़ने लगे। मौसम साफ रहने और चटक धूप निकलने से दरगाह आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन मजार शरीफ पर पहुंचे।
इबादत का सिलसिला सुबह से रात तक चला। नाल दरवाजा, प्रशासनिक भवन के बरामदे, सालारबाग, पलरी बाग आदि स्थानों पर जायरीन की भारी भीड़ रही। सर्वाधिक जायरीन पूर्वांचल के गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, देवरिया, बढ़नी क्षेत्रों के आए।
दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि रविवार शाम को मेले का औपचारिक समापन कर दिया गया। प्रबंध समिति अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि बसंत मेला शांति और सौहार्र्द के बीच निपटा। उन्होंने कहा कि बसंत मेला समापन के साथ ही जेठ मेले की तैयारियां शुरू कर दी गई है।