जरवल (बहराइच)। घाघराघाट में वाचर के पद पर तैनात रहे कर्मी ने वन दरोगा पर बकाया मांगने पर विभाग से हटाने और अवैध कटान करवाने का आरोप लगाया था। साथ ही बकाया न मिलने पर गुरुवार को आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इससे सहमे वन विभाग ने वाचर से वार्ता की। साथ ही पुलिस ने आत्मदाह से पहले ही वाचर को हिरासत में ले लिया।
बहराइच वन प्रभाग के कैसरगंज रेंज अंतर्गत घाघराघाट वन चौकी पर कमलेश पुत्र रामस्वरूप की तैनाती वाचर के पद पर थी। कमलेश ने डीएम व मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि दो साल से दैनिक श्रमिक पर नौकरी करने के बाद भी उसे एक वर्ष का बकाया वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन मांगने पर वन दरोगा व वन क्षेत्राधिकारी की ओर से वाचर पद से हटा दिया गया। साथ ही वन दरोगा की ओर से फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इसको लेकर वाचर ने गुरुवार को घाघराघाट स्थित पौधशाला में आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस व खुफिया विभाग के लोगों ने पूर्व वाचर को हिरासत में ले लिया।
वन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उसकी वार्ता करवाई। थाने पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी आरपी चौधरी ने जनवरी के पहले सप्ताह में सभी बकाया देने की बात कही। साथ ही वन दरोगा शीतला प्रसाद यादव पर लगाए गए आरोपों की जांच कराने की बात कही। थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को बुलवाकर वार्ता करवा दी गई है। इसके बाद पूर्व वाचर को मजिस्ट्रेट कार्यालय भेजा गया है।