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अस्पताल के सामने सड़क पर हुआ प्रसव

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बहराइच के मेडिकल कालेज में महिला विंग परिसर में चादर तानकर कराया जा रहा प्रसव। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। शहर के वशीरगंज मोहल्ला निवासी एक महिला को गुरुवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर परिवारीजन गर्भवती को ऑटो से लेकर महिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन महिला ने चिकित्सालय के सामने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिवार की महिलाओं ने चादर तानकर उसका प्रसव कराया। सूचना पाकर पहुंचे महिला विंग के स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया। सीएमएस ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात तीन स्टाफ नर्सों का पटल बदल दिया है।
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जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिल गया। चिकित्सकों के साथ अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ोतरी हो गई, लेकिन मेडिकल कॉलेज में संवेदनहीनता कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार की रात देखने को मिला। शहर के वशीरगंज मोहल्ला निवासी शफीकुन (34) पत्नी साहेब अली को गुरुवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर परिवार के लोग शफीकुन को ऑटो से लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। ऑटो चालक ने प्रसव पीड़िता को पुराने महिला अस्पताल के सामने उतार दिया।
महिला के परिवारीजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों को प्रसव की समस्या से अवगत कराया, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों को दूसरी मंजिल से आने में देर लग गई। इसी दौरान प्रसव पीड़ा से परेशान महिला ने महिला विंग के सामने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिवार की महिलाओं ने चादर तानकर उसका प्रसव कराया। इसकी जानकारी होने पर बड़ी संख्या में तीमारदार व अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जतायी।
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प्रसव के बाद महिला विंग की वार्ड आया और स्टाफ नर्स मौके पर पहुंचे और प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाकर पीएनसी वार्ड में भर्ती कराया। प्रसूता व नवजात स्वस्थ है। महिला अस्पताल के सामने महिला का चादर तानकर प्रसव होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को मिली तो स्वास्थ्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि प्रसूता के परिवारीजनों की ओर से लगाए जा रहे लापरवाही के आरोप की जांच के लिए टीम गठित की गई है। टीम की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुराने अस्पताल में महिला को उतारा, जिससे हुई दिक्कत
शहर के वशीरगंज मोहल्ला निवासी महिला को प्रसव के लिए परिवारीजन ऑटो से लेकर अस्पताल आए, लेकिन ऑटो चालक ने जानकारी के अभाव में महिला विंग न ले जाकर पीड़िता को पुराने महिला अस्पताल के सामने उतार दिया, जिससे दो मंजिल भवन पर तैनात कर्मियों को आने में देरी हुई और प्रसव हो गया। लापरवाही की जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. डीके सिंह, सीएमएस
गठित टीम ने दर्ज किए बयान
सीएमएस ने बताया कि प्रसव पीड़िता के इलाज में हीलाहवाली की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हीरालाल की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की गई। डॉ. हीरालाल ने महिला विंग में पहुंचकर परिवारीजनों के बयान दर्ज किए, जिसमें परिवार के लोगों ने कहा कि महिला व नवजात का इलाज किया जाए। इसके अलावा पीड़ितों ने कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया।
ड्यूटी पर तैनात तीन स्टाफ नर्सों का पटल बदला
सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि प्रसव पीड़िता के साथ लापरवाही की बात कही जा रही है। ऐसे में गुरुवार की रात महिला विंग में तैनात स्टाफ नर्स आंचल तिवारी, नेहू दूबे और रुचि सिंह का पटल बदलकर उन्हें पुरुष अस्पताल में भेज दिया गया है।
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